2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 46 वर्षीय युवा पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है। टिकटों के एलान से पहले धामी के बारे में यह चर्चा थी कि वह खटीमा के स्थान पर डीडीहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन उन्होंने खुद खटीमा से चुनाव लड़ने का एलान किया था। पार्टी ने उन्हें खटीमा से मैदान में उतार दिया है। धामी पिछले 10 साल से खटीमा विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस सीट पर यह उनका तीसरा चुनाव है। अपनी जीत को लेकर वह बेहद आश्वस्त हैं।
मुख्यमंत्री के सामने उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार सरकार न बना पाने के मिथक को तोड़ने की भी चुनौती है। पिछले चार चुनाव से यह मिथक बना हुआ है। 2002 में प्रदेश में कांग्रेस सत्ता पर काबिज हुई। 2007 में वह सत्ता से बाहर हो गई और भाजपा की सरकार बनी। 2012 में भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा और सत्ता की बागडोर कांग्रेस के हाथों में आ गई। 2017 में फिर कांग्रेस की सत्ता से विदाई हुई और भाजपा ने सरकार बनाईं। इस तरह पिछले चार चुनाव में एक ही दल लगातार दूसरी बार सरकार नहीं बना पाया। इस बार भाजपा ने अबकी बार 60 पार का नारा दिया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक कहते हैं कि पिछले पांच साल में भाजपा ने विकास की जो गाथ लिखी है, वह शानदार है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि वह उत्तराखंड को अगले पांच साल में देश का अग्रणीय राज्य बनाने के लिए भाजपा का समर्थन करेगी।
अंतरिम सरकार के सीएम रहते कोश्यारी चुनाव जीते थे
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री रहते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने विधानसभा चुनाव जीता था। लेकिन वह अंतरिम सरकार के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने अंतरिम सरकार के सीएम रहते हुए कपकोट विधानसभा सीट से चुनाव जीता था।