विधायक के खिलाफ सत्तारोधी रुझान से बचने के लिए पार्टी ने 10 सिटिंग विधायकों के टिकट तो काटे। इनमें खानपुर विस सीट से विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की जगह उनकी पत्नीऔर काशीपुर में बुजुर्ग विधायक हरभजन सिंह चीमा के स्थान पर उनके बेटे को टिकट देकर सत्तारोधी रुझान से बचने का उपाय किया। सूत्रों के मुताबिक, अब झबरेड़ा विधानसभा सीट पर भी पार्टी विधायक देशराज कर्णवाल की पत्नी वैजयंती माला को उम्मीदवार बनाकर यही प्रयोग कर सकती है।
अधर में नहीं छोड़ते, संदेश देने की कोशिश
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पुरोला के विधायक राजकुमार को बेशक उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। लेकिन पार्टी ने उन सभी विधायकों को टिकट दिया, जो 2016 में कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी में विश्वास जताने वालों को अधर में नहीं छोड़ती।
पार्टी ने 2017 में जसपुर से चुनाव हारे डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल को टिकट दिया। साथ ही सभी सिटिंग विधायकों को भी उम्मीदवार बनाया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, राजकुमार की सहमति के बाद ही पुरोला से दुर्गेश्वर लाल को प्रत्याशी बनाया गया था। पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुई सरिता आर्य को भी नैनीताल से टिकट दिया।
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने सर्वश्रेष्ठ प्रत्याशी चुने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ये सभी प्रत्याशी जनता के आशीर्वाद लेने जाएंगे और 2017 से भी अधिक सीटें प्राप्त करेंगे। मैं सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देता हूं।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा