उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में तीसरा विकल्प देने का दावा कर रही आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भूपेश उपाध्याय का कहना है कि डबल इंजन भाजपा का चुनावी जुमला है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार में सिंगल इंजन से विकास का नया मॉडल खड़ा किया। भाजपा चुनाव में मल्टीनेशनल कंपनी की तरह चेहरा दिखाकर प्रोडक्ट बेचना चाहती है। अमर उजाला के मुख्य संवाददाता भूपेंद्र राणा ने उपाध्याय से कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल : चुनाव प्रचार थम गया। क्या लगता है आप कितनी सीट जीत रही है?
जवाब : आप कितनी सीट जीत रही है यह अभी कह नहीं सकते हैं। प्रदेश की जनता कांग्रेस और भाजपा से त्रस्त है। भाजपा एक मल्टी नेशनल कंपनी की तरह है। जो विज्ञापन में ब्रांड एंबेसडर का चेहरा दिखा कर स्थानीय स्तर पर उत्पाद बेचना चाहती है।
सवाल : उत्तराखंड की राजनीति में आप एक नई पार्टी है। आप को किस आधार पर लोग अपना वोट देंगे?
जवाब : भाजपा व कांग्रेस ने 21 सालों से सिर्फ उत्तराखंड के लोगों को छला है। जिन उम्मीदों के चलते लोगों ने दोनों दलों को बारी-बारी सत्ता दी है। उन उम्मीदों पर दोनों दल खरा नहीं उतरे हैं। प्रदेश में आज तक लोगों को एक मजबूत विकल्प नहीं मिला था। आम आदमी पार्टी के रूप में लोगों को विकल्प मिला है। इस बार बदलाव के अंडर करंट चुनाव में चमत्कार होना वाला है।
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सवाल : चुनाव में आप भाजपा से मुकाबला मान रही है। सरकार का पांच साल कार्यकाल किस रूप में देखते हैं?
जवाब : उत्तराखंड में भाजपा के पास नेतृत्व की कमी है। इसलिए उसे पांच साल में तीन मुख्यमंत्री बदलने पड़े। एक नया मुख्यमंत्री बनने से करोड़ों का खर्चा होता है। भाजपा ने सिर्फ मुख्यमंत्री को बदलने का काम किया। खेती किसानी व पर्यटन के लिए कोई काम नहीं है। इस चुनाव में साइलेंट वोट वाइलेंट होकर पड़ने वाला है।
सवाल : पीएम मोदी कह रहे हैं सिंगल इंजन ब्रेक नहीं लगना चाहिए वरना विकास थम जाएगा?
जवाब : डबल इंजन की सरकार सिर्फ एक चुनावी जुमला और लोगों को भ्रमित करने वाला है। सिंगल इंजन में ज्यादा अच्छा काम होता है। गाड़ी में एक ही ड्राइवर होगा तो गाड़ी ज्यादा अच्छी चलेगी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सिंगल इंजन से विकास का नया मॉडल खड़ा है। जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।
सवाल : चुनाव के अंतिम समय आप ने एक तरह से मैदान छोड़ दिया। क्या वजह मानते हैं?
जवाब : जनहित के मुद्दों को लेकर आप पहले भी सक्रिय थी और मजबूती के साथ चुनाव भी लड़ रही है। ऐसा नहीं है कि आप ने मैदान छोड़ दिया है। पार्टी पूरी रणनीति और आम लोगों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरी है। हम लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहे।
सवाल : सत्ता में आए तो क्या प्राथमिकता रहेगी?
जवाब: उत्तराखंड नवनिर्माण के लिए आप का विजन साफ रहा है। आप की सरकार बनने पर सबसे पहले केजरीवाल की 10 गारंटी को समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारेंगे। पहाड़ों में जर्जर व बंद पड़े स्कूलों को ठीक करेंगे। बेहतर और निशुल्क इलाज के लिए अच्छे अस्पताल बनाएंगे।
सवाल : अंतिम समय में केजरीवाल चुनावी मैदान में नहीं उतरे। क्या मानते हैं?
जवाब : उत्तराखंड की राजनीति में आप नई पार्टी है। कार्यकर्ताओं के दम पर आप चुनाव लड़ रही है। पार्टी के लिए हर कार्यकर्ता स्टार प्रचारक है। केजरीवाल जी के पास पार्टी की कई जिम्मेदारी है। जहां भी उनकी जरूरत है वे पार्टी की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं।
सवाल : आप की गारंटी में पंजीकरण करने वाले लोगों पर कितना भरोसा है?
जवाब : केजरीवाल की ओर से दी गई गारंटी से लोगों को विश्वास है। जिस तरह से आप ने दिल्ली में कर दिखाया है। उत्तराखंड में भी करेंगे। आप की विभिन्न गारंटी में पंजीकरण करने वाले ही पार्टी के वालंटियर है। जो पार्टी के लिए काम रहे हैं। वही हमारे बूथ एजेंट भी है। जो लोग पार्टी से जुड़े हैं, उन्हीं के दम पर पार्टी 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।