उत्तराखंड कारागार प्रशासन जल्द ही 200 नए बंदी रक्षकों की भर्ती करने की तैयारी में है। इसी कड़ी में सात साल से उत्तर प्रदेश से नहीं आए 75 बंदी रक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति मांगी गई है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जेलों में काफी समय से बंदी रक्षकों का टोटा है।
उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद 2013 में हुई सहमति में 75 बंदी रक्षकों को उत्तराखंड आना था। सात साल बीतने के बाद भी कोई बंदी रक्षक वापस नहीं आया है, तब से यह रिक्तियां खाली चल रही है। कई बार पत्राचार करने के बाद संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
पुलिस महानिरीक्षक जेल एपी अंशुमान ने इस मामले में रिक्त पदों की भर्ती को शासन से अनुमति मांगी है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश की जेलों में करीब 200 बंदी रक्षकों की कमी है। कारागार प्रशासन की योजना है कि 75 पदों पर स्वीकृति मिलते ही अन्य तमाम पदों पर भर्ती पूरी कर ली जाए।
आईजी जेल अंशुमान ने बताया कि स्वीकृति मिलते ही लोक सेवा आयोग की माध्यम से बंदी रक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।