कहते हैं, पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। इसे सच कर दिखाया है, 66 वर्षीय ऊषा कुमारी ने। मां का हौसला देख बेटी आरती ने भी मास्टर डिग्री हासिल की।
आज के दौरे में योग की महत्ता को समझते हुए ओमेक्स कॉलोनी निवासी 66 वर्षीय ऊषा कुमारी ने योग में पढ़ाई करने का निर्णय लिया और मन की बात अपनी बेटी आरती से की। इसके बाद आरती भी तैयार हो गई। दोनों ने योग में एक साथ पढ़ाई करने का निर्णय लिया।
मां-बेटी ने जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनू राजस्थान में दो वर्ष पूर्व एडमिशन लिया। दो वर्ष की कड़ी मेहनत और परिश्रम के बाद मां-बेटी ने जीवन विज्ञान प्रेक्षा ध्यान एवं योगा (साइंस ऑफ लिविंग + प्रेक्षा मेडिटेशन एंड योगा) में मास्टर डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल की।