भूमिगत लाइन बिछने से मिल सकती है राहत
प्रदेश में एक साल में करीब तीन हजार बिजली चोरी के मामले विजिलेंस पकड़ती है। अगर देखा जाए तो इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है कि यूपीसीएल के लिए यह नासूर बनी हुई है। बिजली चोरी रोकने के लिए वैसे तो बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन कोई पुख्ता हल नहीं निकल पाया है। अगर यूपीसीएल बिजली चोरी प्रभावित इलाकों में भूमिगत बिजली लाइन बिछाएगा तो इससे एक हद तक चोरी रोकी जा सकेगी।
बीते वर्षों में विजिलेंस टीम के साथ हुईं ज्यादतियां
जून 2019- रुड़की के मोहम्मदपुर गांव में बिजली चोरी पकड़ने गई विजिलेंस टीम पर हमला हुई, एई के साथ मारपीट की गई।
जनवरी 2021- गदरपुर के पास पत्थरकुई में छापा मारने गई यूपीसीएल विजिलेंस टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। जुलाई 2022- ज्वालापुर के सराय गांव में छापा मारने गई यूपीसीएल विजिलेंस टीम के साथ मारपीट की गई। हालांकि, बाद में 38 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
यूपीसीएल विजिलेंस टीम में जितने स्टाफ की जरूरत है, उतना दिया गया है। आगे जरूरत होगी तो उसी हिसाब से और कर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे।
- अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक