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Uttarakhand: दो निरीक्षकों के भरोसे बिजली चोरी रोक रही UPCL की विजिलेंस टीम, विभाग में कई पद हैं खाली

Mon, 08 May 2023 08:17 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

विजिलेंस टीम में एक भी पुलिस स्टाफ नहीं है। कई साल से यूपीसीएल की विजिलेंस टीम बिना दरोगा के ही चल रही है। पुलिस विभाग यहां केवल खानापूर्ति के नाम पर स्टाफ भेज रहा है।
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बिजली चोरी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में बिजली चोरी पकड़ने और इसे रोकने के लिए कितनी गंभीरता बरती जा रही है, उसका पता यूपीसीएल की विजिलेंस टीम से चलता है। नियमों के हिसाब से यहां पुलिस का स्टाफ तैनात होना चाहिए लेकिन इसके नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। हालात ये हैं कि यूपीसीएल के अधिकारी और कर्मचारी अपने रिस्क पर बिजली चोरी पकड़ने क्षेत्रों में जाते हैं।

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प्रदेश में बिजली चोरी की वजह से हर साल यूपीसीएल को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाल ही में विजिलेंस के सालाना आंकड़ों में यह तथ्य भी सामने आया था कि हरिद्वार जिले में सबसे ज्यादा बिजली चोरी की जा रही है। यहां बिजली चोरी इसीलिए ज्यादा हो रही है कि कटिया डाल रहे लोगों को क्षेत्रों में जाकर पकड़ना विजिलेंस के लिए मुश्किल काम है। दरअसल, बात यह है कि विजिलेंस टीम में एक भी पुलिस स्टाफ नहीं है। कई साल से यूपीसीएल की विजिलेंस टीम बिना दरोगा के ही चल रही है। पुलिस विभाग यहां केवल खानापूर्ति के नाम पर स्टाफ भेज रहा है।

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यूपीसीएल विजिलेंस की जिम्मेदारी आईपीएफ अफसर जन्मेजय खंडूरी के पास है। वर्तमान में इस विजिलेंस टीम में दो इंस्पेक्टर तैनात हैं। सब-इंस्पेक्टर के सभी चार पद खाली पड़े हैं। लंबे समय से कोई सब-इंस्पेक्टर ही नहीं मिला। डिप्टी एसपी का एक पद खाली है। यूपीसीएल विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने विभाग को कई बार पत्र भेजकर आठ होमगार्ड की मांग रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र दौरे के समय अगर होमगार्ड वर्दी में साथ होंगे तो बिजली चोरी पकड़ते समय ग्रामीणों के हमले कम होंगे।

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भूमिगत लाइन बिछने से मिल सकती है राहत

प्रदेश में एक साल में करीब तीन हजार बिजली चोरी के मामले विजिलेंस पकड़ती है। अगर देखा जाए तो इतने बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है कि यूपीसीएल के लिए यह नासूर बनी हुई है। बिजली चोरी रोकने के लिए वैसे तो बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन कोई पुख्ता हल नहीं निकल पाया है। अगर यूपीसीएल बिजली चोरी प्रभावित इलाकों में भूमिगत बिजली लाइन बिछाएगा तो इससे एक हद तक चोरी रोकी जा सकेगी।


बीते वर्षों में विजिलेंस टीम के साथ हुईं ज्यादतियां

जून 2019- रुड़की के मोहम्मदपुर गांव में बिजली चोरी पकड़ने गई विजिलेंस टीम पर हमला हुई, एई के साथ मारपीट की गई।
जनवरी 2021- गदरपुर के पास पत्थरकुई में छापा मारने गई यूपीसीएल विजिलेंस टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। जुलाई 2022- ज्वालापुर के सराय गांव में छापा मारने गई यूपीसीएल विजिलेंस टीम के साथ मारपीट की गई। हालांकि, बाद में 38 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।

यूपीसीएल विजिलेंस टीम में जितने स्टाफ की जरूरत है, उतना दिया गया है। आगे जरूरत होगी तो उसी हिसाब से और कर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे।
- अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक
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