स्कूल बसों में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। जिस बस में बच्चे बैठकर आएंगे उसमें पर्दे खुले रहेंगे। यदि किसी स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है तो वहां शिफ्ट के अनुसार बच्चों को पढ़ाया जाएगा। बच्चे अपने टिफन औक कॉपी-किताब आदि शेयर नहीं करेंगे।
इसके अलावा बिना अनुमति के पुस्तक विक्रेता या अन्य स्कूल में नहीं आ सकेंगे। शिक्षा सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में स्कूलों की निगरानी के लिए समिति गठित की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
बैठक में शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, निदेशक एससीईआरटी सीमा जौनसारी ,संयुक्त निदेशक भूपेंद्र नेगी, अपर निदेशक वीएस रावत, असिस्टेंट कमिश्नर सीबीएसई रणवीर सिंह आदि मौजूद रहे।