नए साल में सीएम दे सकते हैं ये तीन बड़े तोहफे
लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री राज्य आंदोलनकारियों, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को तोहफे दे सकते हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार, दायित्वों का आवंटन और राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के लिए सरकारी सेवा में प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मसला है। पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों की मंत्रिमंडल में खाली पड़ी चार सीटों पर नजर है। वे लोस चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भाजपा नेतृत्व भी इसका संकेत दे चुका है। दायित्वों के आवंटन पर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर लगी है। राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मसले पर प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंप जा चुकी है। अब विधानसभा सत्र आहूत होने का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री इन तीनों फैसलों पर भी नए साल में निर्णय ले सकते हैं।
यूसीसी में ये खास प्रावधान हो सकते
- महिलाओं के लिए विवाह की आयु बढ़ाकर 21 वर्ष।
- विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- जो व्यक्ति अपनी शादी का पंजीकरण नहीं कराएंगे वे सरकारी सुविधाओं के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।
- लिव-इन जोड़ों को अपने फैसले के बारे में अपने माता-पिता को सूचित करना होगा
- हलाला और इद्दत की प्रथा बंद होगी। बहुविवाह (एक से अधिक पत्नियां रखने की प्रथा) भी गैरकानूनी होगा।
- पति-पत्नी को तलाक लेने का समान हक दिया जाएगा।
- मसौदे में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर भी सिफारिश हो सकती है।