देहरादून। उत्तराखंड नर्सिंग भर्ती को नर्सिंग नियमावली 2019-20 के अनुसार लिखित परीक्षा के आधार पर कराने की मांग को लेकर बेरोजगार नर्सों ने शनिवार को विधानसभा कूच कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि पहले से तैनात पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा उन्हें रोक दिया। जिससे गुस्साए प्रदर्शनकारी बेरोजगारों ने सड़क पर ही बैठ प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तराखंड में करीब 12 हजार से अधिक नर्सिंग अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। जिन्होंने परीक्षा के लिए 800 रुपये का शुल्क भर आवेदन किया है। भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए तीन बार प्रवेश पत्र भी जारी किया गया। लेकिन सरकार ने दबाव में आकर परीक्षा को स्थगित किया। जिससे प्रदेश भर के हजारों अभ्यर्थियों पर बेरोजगारी का संकट मंडरा रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि भर्ती वरिष्ठता के आधार की जाती है तो सभी अभ्यर्थियों को वरिष्ठता से चयनित होने में 30-40 साल का समय लग जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेज भर्ती के लिए लिखित परीक्षा की मांग की है। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि मांग पूरी न होने पर वह न्यायालय की शरण में जाएंगे।