पंजीकरण के पश्चात मिलेगा ‘सुप्रजा’ का लाभ
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के परिसर ऋषिकुल में चिकित्सालय की ओपीडी में पंजीकरण के बाद गर्भवती को सुप्रजा योजना के तहत लाभ मिलेगा। गर्भवती और पल रहे शिशु के संपूर्ण विकास के लिए सुप्रजा चूर्ण, तेल एवं वटी दी जाएगी। इसके अलावा गर्भ संस्कार, प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक गर्भस्थापक औषधियों का प्रयोग कराया जाएगा। गर्भावस्था में जटिलताओं की जानकारी एवं उचित परामर्श के लिए सुप्रजा कार्ड भी गर्भवती को दिया जाएगा। पहले, दूसरे एवं तीसरे महीने में बार-बार उचित मात्रा में गाय के दूध के सेवन आदि के बारे में भी जानकारी टीम देगी। मा.सि.रि.
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वर्ष 2018 से ठप प्रसव सुविधा को शुरू कराने की पहल
हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेद अस्पताल में जननी सुरक्षा का लाभ दिलाने में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग पूरी तरह विफल रहा। परिणाम यह निकला कि जिस अस्पताल में एक माह में करीब सौ से अधिक सामान्य या ऑपरेशन से प्रसव होते थे वहां सेवा बंद कर दी गई। वर्ष 2018 में जननी सुरक्षा योजना लागू होने के पूर्व अस्पताल में तैनात दो महिला और एक पुरुष चिकित्सक की ओपीडी में भीड़ लगी रहती थी। वहां का हाल पूरी तरह बदहाल हो गया। इसमें संकट उन तमाम छात्र-छात्राओं के सामने भी आया जो इस विभाग से स्नातक या परास्नातक की कक्षाओं में अध्ययनरत हैं। अब आयुर्वेद विश्वविद्यालय की पहल है कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के जरिए जननी सुरक्षा योजना का लाभ लोगों को दिलाया जा सके।