उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के पेपर लीक मामले में पुलिस के एक सिपाही समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक की निशानदेही पर 35 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। सिपाही ऊधमसिंह नगर में एक पुलिस अधिकारी का गनर है। उसने अपने परिजनों में से किसी को पेपर हल कर दिया था।
पेपर लीक मामले में एसटीएफ एक सप्ताह के भीतर 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। कड़ियों को जोड़ते हुए एसटीएफ और भी गिरफ्तारियां कर सकती है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर जांच कुमाऊं क्षेत्र में कुछ लोगों तक पहुंची थी। शनिवार को एसटीएफ ने दीपक शर्मा और अमरीश कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया था।
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रात में उन्हें देहरादून लाया गया। अमरीश एक पुलिस अधिकारी का गनर है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोनों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दीपक शर्मा की निशानदेही पर 35.89 लाख रुपये बरामद हुए हैं। दो ब्लैंक चेक भी शर्मा के घर पर रखे थे। दीपक शर्मा मूल रूप से जसपुर खुर्द, काशीपुर का रहने वाला है। जबकि, सिपाही खानपुर, हरिद्वार का है।
कई परिजनों को कराया पास
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने कई लोगों को पेपर हल करने के बाद बेचा था। अपने परिजनों को भी इस परीक्षा में शामिल कराया था। उन्हें भी पेपर दिया गया था। उनके परिजन भी इस परीक्षा में पास हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि प्रश्न पत्रों को जिस स्थान पर सॉल्व कराया गया, उसकी भी जानकारी मिल गई है। जल्द वहां पर भी जांच की जाएगी।
अब पास हुए अभ्यर्थियों की बारी
एसटीएफ के मुताबिक अभी इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। शनिवार को ऊधमसिंह नगर और आसपास के क्षेत्रों से करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है। इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही कई अभ्यर्थियों के बारे में भी जानकारी मिली है। अब उनकी भी बारी आ सकती है। हालांकि, कुछ को गवाह भी बनाया जाएगा, लेकिन जिन लोगों ने पेपर लेकर आगे बेचा है, वे इस मामले में आरोपी ही बनाए जाएंगे।