चमोली जिले में निजमुला घाटी में शनिवार शाम को अतिवृष्टि से वीर गंगा उफान पर बह रही है। यहां पाणा, ईराणी, भनाली और बौंणा गांव के ग्रामीणों की आवाजाही के लिए लगाई गई 12 मीटर की अस्थाई गार्डर पुलिया भी बह गई है जिससे इन गांवों के करीब 3000 ग्रामीणों के सामने आवाजाही का संकट खड़ा हो गया है।
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निजमुला घाटी के गांवों में रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है जिससे शनिवार शाम को सप्तकुंड क्षेत्र में अतिवृष्टि से पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं वीर गंगा के उफान पर आने से झींझी गांव के समीप अस्थायी गार्डर पैदल पुलिया बह गई है। इसी पुलिया से पाणा, ईराणी, भनाली और बौंणा गांव के ग्रामीण आवाजाही करते थे।
अब ग्रामीणों के लिए आवाजाही का कोई साधन नहीं रह गया है। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी ने बताया कि पुलिया के बहने से ग्रामीणों के आने जाने का संकट हो गया है। इसी पुलिया से झींझी गांव के स्कूली बच्चे स्कूल जाते थे और डाकिया भी गांवों में डाक लेकर पहुंचता था। भेलताना में दूसरी लकड़ी की अस्थायी पुलिया भी बह गई है यहां के ग्रामीणों के दिक्कतें भी बढ़ गई हैं।
लार्ड कर्जन ट्रेक भी क्षतिग्रस्त
अतिवृष्टि से उच्च हिमालय क्षेत्र से गुजरने वाला लार्ड कर्जन ट्रेक भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गया है। अगस्त माह से लार्ड कर्जन रोड (बुग्यालों से गुजरने वाला पैदल ट्रेक) पर पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो जाती थी लेकिन इस बार कई जगहों पर ट्रेक क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में निजमुला घाटी में पर्यटकों की आवाजाही भी बंद हो जाएगी।
क्षेत्र में पीएमजीएसवाई के तहत निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क का निर्माण चल रहा है। यहां पैदल आवाजाही के लिए वीर गंगा पर निर्मित अस्थायी गार्डर पुलिया बह गई है। जल्द ही क्षेत्र में आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों से बात की जा रही है।
- अभिनव शाह, एसडीएम, चमोली।