यूक्रेन में फंसे छात्रों के स्वदेश वापस आने का सिलसिला जारी है जिससे अभिभावकों को राहत मिल रही है। लेकिन अभी भी कुछ बच्चों की वतन वापसी नहीं हुई है। जिस कारण कई अभिभवाकों की चिंता बनी हुई है।
यूक्रेन में रामनगर के दो विद्यार्थी फंसे हुए हैं। निप्रो में फंसा छात्र कामरान बॉर्डर पार कर हंगरी पहुंच गया है। वह दूतावास में फ्लाइट में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। छात्रा सौम्या यूक्रेन के खारकीव से निकलकर लावी से अब पोलैंड बॉर्डर की ओर जा रही है।
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रामनगर की फ्रेंड्स गार्डन कालोनी निवासी डॉ. मोहम्मद शमी का छोटा बेटा मोहम्मद कामरान यूक्रेन के निप्रो शहर से निकल गया। पिता डॉ. शमी ने बताया बेटा बुधवार को हंगरी दूतावास पहुंच गया है। दूतावास में उसने टोकन ले लिया है और अब फ्लाइट में अपनी बारी का इंतजार कर रहा है।
दुर्गापुरी निवासी सौम्या दीपक की मां इंदु दीपक ने बताया कि उनकी बेटी भी खारकीव से निकल चुकी है। पहले वह लावी गई। वहां से अपने खर्च पर अब बस से पोलैंड बॉर्डर की ओर जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही वह पोलैंड पहुंच जाएगी।