इसके अलावा श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर होने वाली ऑनलाइन होटल और ट्रैवल बुकिंग ठगी, यूपीआई और क्यूआर कोड फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य साइबर अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साइबर हेल्पलाइन 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने साइबर कमांडो से तकनीकी दक्षता का अधिकतम उपयोग करते हुए साइबर अपराधियों की पहचान, साइबर इंटेलिजेंस के प्रभावी विश्लेषण और रियल-टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। वहीं एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर हर साइबर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कांवड़ मेले के दौरान मिले अनुभव महाकुंभ-2027 की साइबर सुरक्षा रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। कार्यक्रम में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आईफोरसी) के निदेशक तरुण उप्पल, एएसपी लोकजीत सिंह, एएसपी शान्तनु पाराशर, सीओ ऋषि चमोला और आईटीडीए के महाप्रबंधक अनिल जोशी मौजूद रहे।