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PCS 2010: भावी अफसरों’ का भविष्य लटका

Sun, 08 Feb 2015 01:00 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड पीसीएस 2010 परीक्षा में पांच साल तक चुनौतियों का सामना करने के बाद चयनित भावी अफसरों के भविष्य पर अब अधिकारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है।
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परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद आधे चयनित प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि आधे अभ्यर्थियों को सत्यापन का इंतजार है। कार्मिक विभाग की ओर से पत्र जारी होने के बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस इनके सत्यापन में सुस्त बनी हुई है।

वर्ष 2010 में पीसीएस की विज्ञप्ति जारी होने के बाद 2011 में पीसीएस प्री परीक्षा हुई और परिणाम आया। वर्ष 2012 में चयनित अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा हुई और वर्ष 2013 में साक्षात्कार।
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23 अगस्त 2014 को परिणाम आया, जिसे सितंबर 2014 में संशोधित किया गया। इसके बाद कार्मिक विभाग ने सभी चयनित अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए उनके जिलों में पत्र भेजे। इनमें से आधे अभ्यर्थी सत्यापन के बाद नैनीताल प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, लेकिन सौ से अधिक युवा अब भी सत्यापन का इंतजार कर रहे हैं।
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ऐसे होना है सत्यापन

इनमें उप शिक्षा अधिकारी के अलावा वित्त विभाग और कई विभागों के चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। प्रशिक्षण अकादमी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बिना सत्यापन इनका प्रशिक्षण नहीं कराया जा सकता है।

जो अभ्यर्थी शहरी क्षेत्र के निवासी हैं, उनका वेरिफिकेशन संबंधित जिले के एसएसपी के मार्फत एलआईयू से कराया जाता है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाती है, जहां से इसे कार्मिक विभाग को भेजा जाता है। ग्रामीण अभ्यर्थियों का सत्यापन संबंधित राजस्व पुलिस और तहसीलदार से होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के मार्फत कार्मिक विभाग को भेजी जाती है।

हमने समय से सत्यापन के पत्र जारी कर दिए थे। अब तक कई जिलों से रिपोर्ट नहीं आई है। दो दिन बाद दोबारा रिमाइंडर भेजेंगे। सत्यापन रिपोर्ट आते ही प्रशिक्षण अकादमी से तारीख लेकर चयनित अभ्यर्थियों को सूचना भेज दी जाएगी।
- व्योमकेश दुबे, अनुसचिव, कार्मिक विभाग
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