उत्तराखंड में सैकड़ों शिक्षक भले ही 14-15 साल दुर्गम में तैनाती के बावजूद अपने गृह जनपद नहीं पहुंच सके हों, लेकिन चार माह पूर्व ही नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को यह तोहफा मिलने वाला है।
इन शिक्षकों को प्रथम विकल्प के आधार पर दोबारा जिलों का आवंटन किया जाएगा। शासन से इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक बने 2794 बीएड टीईटी पास अभ्यर्थियों को चयन में वरिष्ठता के आधार पर गृह जनपद आवंटित किए जाने थे।
कई शिक्षकों को संबंधित जिलों में पद खाली न होने के कारण गृह जनपद नहीं मिल सका। शिक्षा विभाग ने इन्हें दूसरे और तीसरे विकल्प के आधार पर दूसरे जिलों में नियुक्ति दी, लेकिन 267 पद खाली रह गए। इस पर इन शिक्षकों ने प्रथम विकल्प यानी गृह जनपद में तैनाती की मांग उठाई।
अब शासन ने वरिष्ठता के आधार पर जनपदों के फिर से आवंटन एवं इसके बाद खाली रह गए 267 पदों को प्रतीक्षा सूची से भरने के निर्देश दिए हैं।