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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन से दो मकानों पर गिरा मलबा, परिवार ने भागकर बचाई जान

Mon, 22 Jul 2019 08:44 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टिहरी
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ऋषिकेश गंगोत्री हाइवे पर भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर फकोट में ऑल वेदर परियोजना निर्माण के दौरान पहाड़ी से हुए भूस्खलन से एक मकान जमींदोज हो गया। मलबे की चपेट में आने से एक दूसरा मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।

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भूस्खलन के वक्त घर के अंदर मौजूद पति-पत्नी और तीन बच्चों ने भागकर जान बचाई। प्रभावित दोनों परिवारों को प्रशासन ने फिलहाल नजदीकी पटवारी चौकी में शिफ्ट कर दिया है। मलबा गिरने से मकानों को हुए नुकसान से आक्रोशित लोगों ने बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। भूस्खलन होने से दो घंटे तक हाईवे भी बाधित रहा।

ऑल वेदर परियोजना के तहत फकोट में हाईवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। रविवार शाम चार बजे के लगभग फकोट में हाईवे पर काम चल रहा था। इसी दौरान चट्टान से अचानक भूस्खलन होने से बड़े-बड़े बोल्डर, पत्थर और मलबा पहले हाईवे पर और फिर दरकते-दरकते ठीक नीचे फकोट ब्लॉक रोड पर आ गया।
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इससे वहां स्थित दलेब सिंह पुत्र रतन सिंह का मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के पहले छोटे-छोटे पत्थर दलेब सिंह के मकान के ऊपर गिरे। यह देखने के लिए देलब सिंह, उनकी पत्नी और तीन बच्चे अचानक से बाहर आ गए।

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मलबा आने से पहले पांचों लोग मकान छोड़कर नीचे सुरक्षित स्थान पर चले गए, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। जबकि पास में वेदप्रकाश पुत्र प्यारेलाल का मकान भी मलबे से आधा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे से दलबे सिंह के मकान के अंदर का सारा सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।

फकोट में भूस्खलन होने की सूचना मिलते ही आसपास और आगाराखाल के लोग वहां पहुंचे। तहसील प्रशासन और बीआरओ को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची एसडीएम युक्ता मिश्रा व तहसीलदार दयाल सिंह भंडारी ने स्थिति का जायजा लिया।

एसडीएम मिश्रा ने बताया कि प्रभावित दोनों परिवारों को फकोट पटवारी चौकी में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्हें खाने-पीने का सामान, बर्तन और बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है। बीआरओ के अधिकारियों को आवासीय भवनों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए बुलाया गया है।

नुकसान का सर्वे कर बीआरओ ही दोनों प्रभावित परिवारों को मुआवजा देगा। दूसरी ओर, भूस्खलन से मकानों को हुए नुकसान पर स्थानीय लोगों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए बीआरओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बीआरओ ने हाईवे पर गिरे मलबे को साफ कर वाहनों का आवागमन शुरू करवाया। 
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