मलबा आने से पहले पांचों लोग मकान छोड़कर नीचे सुरक्षित स्थान पर चले गए, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। जबकि पास में वेदप्रकाश पुत्र प्यारेलाल का मकान भी मलबे से आधा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे से दलबे सिंह के मकान के अंदर का सारा सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
फकोट में भूस्खलन होने की सूचना मिलते ही आसपास और आगाराखाल के लोग वहां पहुंचे। तहसील प्रशासन और बीआरओ को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची एसडीएम युक्ता मिश्रा व तहसीलदार दयाल सिंह भंडारी ने स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम मिश्रा ने बताया कि प्रभावित दोनों परिवारों को फकोट पटवारी चौकी में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्हें खाने-पीने का सामान, बर्तन और बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है। बीआरओ के अधिकारियों को आवासीय भवनों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए बुलाया गया है।
नुकसान का सर्वे कर बीआरओ ही दोनों प्रभावित परिवारों को मुआवजा देगा। दूसरी ओर, भूस्खलन से मकानों को हुए नुकसान पर स्थानीय लोगों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए बीआरओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बीआरओ ने हाईवे पर गिरे मलबे को साफ कर वाहनों का आवागमन शुरू करवाया।