केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मंगलवार को गढ़वाल में मिलाजुला असर दिखाई दिया। डाकघरों और ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और बैंक इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईएफआई) से जुड़े बैंकों में सुबह से ताले लटके रहे। इन बैंकों में लेन-देन ठप होने और डाकघरों में कोई काम नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि स्टेट बैंक और जिला सहकारी बैंकों में सामान्य रूप से काम होने से उपभोक्ताओं को राहत रही। ट्रेड यूनियनों और विभिन्न अधिकारी व कर्मचारी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का पुरजोर विरोध किया।
गोपेश्वर में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन के तहत चमोली जिले में मंगलवार को बैंक और डाक विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। जिले में पंजाब नेशनल बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक और डाकघर बंद रहे। डाक कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। बैंकों में भी लेन-देन पूरी तरह से प्रभावित रहा। स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। कर्णप्रयाग में ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर यहां उत्तराखंड ग्रामीण बैंक और डाकघर में हड़ताल रही, जबकि पीएनबी, यूनियन बैंक, नैनीताल बैंक, एसबीआई, इंडियन ओवरसीज, जिला सहकारी बैंक में सामान्य रूप से कामकाज हुआ। ग्रामीण बैंक की हड़ताल से लोगों को लेन देन सहित आधार कार्ड बनाने के लिए भी भटकना पड़ा। डाकघर में हड़ताल के चलते डाक नहीं बंट सकी। थराली और देवाल के डाकघरों में भी हड़ताल रही। पौड़ी। यहां ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन व बैंक इंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया के आह्वान पर पीएनबी, सिंडीकेट, इलाहाबाद बैंक सहित अन्य बैंकों के कर्मी हड़ताल रही। जबकि स्टेट बैंक, जिला सहकारी बैंक, आईडीबीआई बैंकों में सुचारु रूप से काम हुआ। बीएसएनएल कार्यालय में भी कामकाज प्रभावित रहा।
पौड़ी में परिवहन, बीएसएनएल, डाक विभाग, आंगनबाड़ी, भोजनमाता, संविदा कर्मी, उपनल कर्मियों ने रैली निकाल कर जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान सीटू के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत, डाक यूनियन के सचिव पदमेंद्र सिंह नेगी, बैंक यूनियन के पदम सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कर्मचारियों की हितैषी नहीं है। उत्तरकाशी में ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को मजदूर संगठनों सहित बैंक व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार किया। डाक और बैंकिंग सेवाओं पर हड़ताल का असर दिखाई दिया। पोस्ट ऑफिस व बैंक में नकदी लेन-देन आदि कार्य कराने पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। लीड बैंक अधिकारी बीएस तोमर ने बताया कि यूनियन बैंक, केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से इन बैंकों से जुड़े ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि जिले के अधिकांश स्थानों पर स्टेट बैंक और सहकारी बैंक की शाखाएं होने से आर्थिक कार्य अधिक प्रभावित नहीं हुए। उधर, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव विश्नोई ने कहा कि सरकार कर्मचारी वर्ग का उत्पीड़न कर रही है। भोजनमाता, आशा कार्यकर्ता आदि कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
नई टिहरी में ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के तहत टिहरी जिले में अधिकांश बैंक, डाकघर, भारतीय जीवन बीमा निगम और अन्य बीमा कंपनियों के कार्यालय बंद रहे। हड़ताल के चलते आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंकों की हड़ताल से दो करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ है। डाकघरों की हड़ताल से डाक का वितरण नहीं हो पाया। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस से जुड़े कर्मी भी हड़ताल पर रहे। मुख्य डाकघर में कर्मचारियों ने धरना दिया। इस दौरान डीपी भट्ट, खेमराज भट्ट, भक्तबंसल बिजल्वाण, रंजन पंवार, चंदन सजवाण, चैन सिंह चौहान, आशीष नौटियाल, हर्षमणी तिवारी, रजनी नेगी, नाीलिमा, दिवाकर कंसवाल आदि मौजूद रहे। स्टेट बैंक और जिला सहकारी बैंक को छोड़कर पंजाब नेशनल बैंक, ओबीसी, केनरा, यूनियन बैंक में कामकाज ठप रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकांश कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। दूसरी ओर, अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के बैनर तले ट्रेड यूनियनों से जुड़े लोगों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। धरने पर सीआईटीयू के जिलाध्यक्ष विशाल राणा, सचिव चिंतामणी थपलियाल, अर्जुन रावत, जयप्रकाश पांडेय, कुंदन सेमवाल, शिवानंद उनियाल, सुनील बिजल्वाण बैठे।
जखोली/ऊखीमठ में सीटू के आह्वान पर किसान सभा ने जखोली मुख्यालय में धरना दिया, जबकि ऊखीमठ में किसान सभा व अन्य संगठनों द्वारा रैली निकाली गई। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के प्रांतीय महामंत्री गंगाधर नौटियाल ने किया। उन्होंने सरकारी उपक्रमों में उपनल के जरिए नियुक्त कर्मियों, भोजनमाता, आशा कार्यकर्ताओं और नगर पंचायतों में ठेका प्रथा को खत्म कर यहां कार्य कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की। इसके अलावा ऊखीमठ में भी किसान सभा, संविदा श्रमिक संघ व भोजनमाता कामगार यूनियन ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया। उन्होंने सरकार को मजदूर किसान विरोधी करार दिया। इस दौरान जिला किसान सभा के जिला महामंत्री विक्रम सिंह पंवार, विजय सिंह राणा, कमल सिंह, उम्मेद सिंह सजवाण व मदन सिंह रावत समेत अन्य लोग मौजूद थे।
श्रीनगर में अखिल भारतीय संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं कर्मचारी फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान केतहत विभिन्न मजदूर एवं कर्मचारी यूनियनों ने मंगलवार को रोडवेज बस अड्डे से गोला पार्क तक रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। रैली में भाकपा माले, आइसा, एआईडीएसओ, बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन, बिजली कर्मचारी संयुक्त मोर्चा और गढ़वाल विवि कांट्रेक्टर लेबर यूनियन आदि संगठन शामिल हुए। सभा में प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रुपये मासिक निर्धारित करने के साथ ही निजीकरण की नीतियों का विरोध किया। रैली में जीपी काला, इंद्रेश मैखुरी, अतुल सती, मुकेश सेमवाल, बिजय बिष्ट, जगतराम भट्ट, बीएस रौथाण, बीएस नयाल, कमलेश नेगी, गिरीश बलूनी आदि शामिल थे। सभा की अध्यक्षता एमएन सती और संचालन केपी चंदोला ने किया।
क्या है मुख्य मांगें
-निजीकरण बंद किया जाए
-श्रम कानून में संशोधन किया जाए
-बैंक, बीमा, रक्षा, रेलवे, डाक विभाग में विदेशी पूंजी निवेश हो खत्म
-न्यूनतम वेतन 18 हजार किया जाय
-समान कार्य के लिए समान वेतन
-कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा दी जाए
-ठेका व्यवस्था को समाप्त किया जाए
-पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए
हरिद्वार में संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति के आह्वान पर बुलाई गई दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का हरिद्वार में मिलाजुला असर रहा। कुछ सरकारी बैंकों और डाकघरों में कामकाज नहीं हुआ व ताले लटके रहे। भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। देशभर की ट्रेड यूनियनों ने बैंकों, बीमा कंपनियों और डाकघरों में दो दिवसीय हड़ताल करने का एलान किया था। हड़ताल के पहले दिन पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक, सिंडिकेट, सेंट्रल, विध्यांचल बैंक, यूनियन बैंक, नैनीताल, पंजाब एंड सिंध बैंक बंद रहे। इन बैंकों के बंद होने से उपभोक्ता भटकते रहे। नगदी का काम एटीएम के सहारे रहा, लेकिन डाकघरों में कोई काम नहीं हो सका। डाक वितरण सहित अन्य काम प्रभावित हुए। उत्तरांचल बैंक इंपलाइज यूनियन के जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना ने बताया कि हड़ताल में ज्यादातर बैंक शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही दिन करोड़ों रुपयों का ट्रांजिक्शन नहीं हुआ। बैंक और डाकघर के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस मौके पर अनिल कुमार, हरीश तनेजा, सनव्वर, अजय कुमार, आशीष, सुरेश चंद, अभिलाषा, शालिनी, स्मिता, नुपूर, प्रदीप कुमार आदि शामिल हुए।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर हड़ताल के समर्थन में संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति हरिद्वार के बैनर तले श्रमिकों ने रैली निकाली। चंद्राचार्य चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। मंगलवार को संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति से जुड़े संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी एचएमएस के महामंत्री एमपी सिंह, एटक के जिला महामंत्री केपी सिंह, इंटक के नेता राजबीर सिंह चौहान, सीटू के जिलाध्यक्ष पीडी बलोनी, उत्तराखंड बैंक इंपाइज यूनियन के नेता राजकुमार सक्सेना व एनबी कपूर के नेतृत्व में एकत्रित हुए और रैली निकालकर चंद्राचार्य चौक पर सभा की। इंटक के नेता राजबीर सिंह चौहान ने कहा कि देश में लागू सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सार्वभौमिक बनाए जाने से बढ़ती महंगाई पर रोक लगाना मुश्किल हो रहा है। वस्तु बाजार में सट्टेबाजी के व्यापार पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने और रोजगार पैदा किए जाने चाहिए। उन्होंने श्रम कानूनों को सख्ती के साथ लागू करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बढ़ी हुई पेंशन न्यूनतम 3 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने, केंद्रीय एवं राज्य के सार्वजनिक उद्यमों में विनिवेश पर पूर्णतया रोक लगाने, स्थायी प्रकृति के कार्यों पर ठेका मजदूरों का नियोजन पूर्णतया प्रतिबंधित किए जाने की मांग उठाई।
रैली और सभा में यह कर्मचारी हुए शामिल
इस मौके पर एमएस वर्मा, संदीप चौधरी, मनमोहन कुमार, विजयपाल सिंह, एमएस त्यागी, मुनिरिका यादव, सुभाष त्यागी, आईडी पंत, केके लाल, पवन शर्मा, सौरभ त्यागी, मंजूर खान, कुंवर पाल, सुकरम पाल, धीरज बिष्ट, मुकुल राज, प्रेमचंद सिमरा, सचिन, मनीष सिंह, पंकज शर्मा, आरसी धीमान, एमपी जखमोला, केएस गुसाई, आरपी जखमोला, इमरत सिंह, अशोक चौधरी, चंद्र प्रसाद शर्मा, उदयवीर चौहान, दिशांत पुंडीर, श्यामलाल, मनोज यादव, एसके शर्मा, रामनाथ रावत, राजेश खंडूडी, अर्जुन सिंह, मयंक धनई आदि शामिल हुए।
ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर विभिन्न कर्मचारी संगठन मंगलवार को सड़क पर उतर आए। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर उत्तराखंड की आशा कार्यकर्ताओं और भोजनमाताओं ने भी हड़ताल को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने कामकाज ठप रखा। आशाओं ने लोहाघाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, टनकपुर में संयुक्त चिकित्सालय परिसर में प्रदर्शन किया। पिथौरागढ़ में कर्मचारी संगठनों, दवा प्रतिनिधि संघ से जुड़े लोगों ने गांधी चौक पर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मियों की हड़ताल से सीमांत जिला पिथौरागढ़ में करीब 42 करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा।
बागेश्वर में दो करोड़, चंपावत जिले में करीब 10 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। चंपावत जिले में डाक विभाग में ही पांच करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा। ऊधमसिंह नगर जिले में करीब 1000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित रहा। नैनीताल जिले में करीब 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। रुद्रपुर में ट्रेड यूनियन से जुड़े कुछ श्रमिकों ने अंबेडकर पार्क में धरना दिया। हल्द्वानी में बुद्ध पार्क में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर आहूत राष्ट्रीय हड़ताल में आशा कार्यकर्ताओं, बैंक कर्मियों, बीमा कर्मियों और अन्य समूहों ने धरना-प्रदर्शन किया।