उत्तराखंड रोडवेज के दो चालकों ने अपनी सूझबूझ से करीब 84 यात्रियों की जान बचा ली। देहरादून से हनोल जा रही रोडवेज बस के चालक ने ब्रेक फेल होने पर जहां बस को पहाड़ी से टकराकर 47 यात्रियों की जान बचाई।
वहीं कुमाऊं मंडल में बनलेख के पास धारचूला से टनकपुर जा रही बस के चालक ने खाई में गिरने से बचाने के लिए बस को दो बार पहाड़ी से टकराकर 37 यात्रियों की जान बचा ली। इस हादसे से एक बात साबित हो गई है कि परिवहन निगम के अधिकारी सुरक्षित सफर के प्रति कितने लापरवाह हैं। जानकारों की माने तो कई बार चालक पहाड़ी क्षेत्रों में संचालित हो रही खटारा बसों को लेकर सवाल उठा चुके हैं पर अधिकारी ध्यान ही नहीं देते हैं।
शनिवार सुबह 10:45 बजे के करीब संतुला देवी मंदिर से करीब एक किलोमीटर पहले और मसूरी से सात किलोमीटर दूर सी बैंड के पास रोडवेज संख्या यूके 07 पीए 1208 के ब्रेक फेल हो गए। ब्रेक फेल होने से बस की स्पीड तेज हो गई। ऐसे में चालक दिनेश रावत ने धैर्य से काम लेते हुए यात्रियों को एहतियात बरतने को कहा और बस को पहाड़ी से टकरा दिया।