दुनिया की सबसे ऊंची सात चोटियों और दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगा फहराने वाली देहरादून की जुड़वां बहनों ताशी और नुंग्शी को उत्तरी ध्रुव अभियान के लिए आर्थिक मदद की दरकार है। इस संबंध में दोनों बहनें अपनी नातेदार गोदावरी थापली के साथ बृहस्पतिवार को डीएम रविनाथ रमन से मिलीं।
70 लाख रुपये की जरूरत
गोदावरी थापली ने बताया कि ताशी और नुंग्शी को एक साल के कोर्स के लिए अप्रैल में न्यूजीलैंड जाना है। वहां उन्हें अध्ययन की सुविधा निशुल्क मिलेगी। वहां जाने के लिए ताशी-नुंग्शी की मां अंजू मलिक ने आठ लाख रुपये ऋण लिया है। न्यूजीलैंड में पढ़ाई के दौरान ही दोनों बहनें उत्तरी ध्रुव फतह के लिए जाएंगी। इसके लिए पहले से बुकिंग करानी है।
वहां जाने के लिए 70 लाख रुपये की जरूरत है। अभी इसके लिए करीब आठ लाख रुपये की पहली किस्त जमा की जानी है। इसमें देरी हुई तो बुकिंग नहीं हो पाएगी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की पर्वतारोही समीना बेगम को भी नार्थ पोल जाना है। अगर उसने बुकिंग पहले करा ली तो उसकी बारी पहले आ जाएगी। थापली ने बताया कि राज्य सरकार से मदद की दरकार है। इसकी प्रक्रिया डीएम से शुरू होती है। डीएम ने इस संबंध में शासन से बात करने का आश्वासन दिया है।