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पीजीएफ की सील संपत्ति बेचने की कोशिश

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देहरादून। पीजीएफ की सील संपत्ति को एक बार फिर बेचने की कोशिश हुई है। इस मामले में अब राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसे बेचने के लिए सुप्रीम कोर्ट की समिति के दस्तावेज और कंपनी की फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बना ली गई थी। इससे पहले डालनवाला थाने में मुकदमे में दंपती को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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बता दें, पीजीएफ लिमिटेड और पर्ल्स ग्रीन कंपनी की संपत्तियों को सीबीआई की जांच के बाद सील कर दी थी। इसके बाद निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की समिति को नामित किया गया था। यह समिति की संपत्तियों के निपटारे के बाद लोगों को धन वापस कर रही है। राजपुर थाने में पीजीएफ के अधिकारी विकास पुरी की ओर से तहरीर दी गई है। पुरी ने पुलिस को बताया की विक्रांत चौरसिया के पास समिति के फर्जी दस्तावेज हैं। यह पावर ऑफ अटॉर्नी है जिसके माध्यम से धोरनखास स्थिति जमीन को बेचने का प्रयास किया जा रहा है। यह बात समिति के अधिकारियों के ही संज्ञान में आई थी। पता चला की इस पावर ऑफ अटॉर्नी पर पीएस कांग के हस्ताक्षर हैं, लेकिन जब कांग से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी ओर से किसी को पावर ऑफ अटॉर्नी नहीं दी गई है। इस मामले में विक्रांत चौरसिया निवासी चुक्खूवाला के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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