रुद्रप्रयाग-केदारनाथ हाईवे का सफर जोखिम भरा है। पांच अक्तूबर से दोबारा शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा को देखते हुए हाईवे भले ही रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग के आगे दो किलोमीटर तक खुल गया है लेकिन हकीकत यह है कि यहां वाहन काफी कठिनाई से चल रहे हैं।
बारिश होने पर पानी के साथ पत्थर गिरने लगते हैं। नौलपानी, सिल्ली, विजयनगर, सौड़ी, गबनीगांव, चंद्रापुरी, बांसवाड़ा, भीरी, काकड़ागाड़, कुंड, सेमी, भैंसारी, चंडिकाधार, फाटा, सीतापुर और सोनप्रयाग डेंजर जोन हैं।
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विजयगनर में खड़ी चढ़ाई
विजयनगर में तो कई बार वाहन पलट चुके हैं। सेमी और विजयगनर में खड़ी चढ़ाई चढ़ते वक्त लोगों की रूह कांप उठती है। बारिश होने पर सड़क में दलदल हो रहा है। साथ ही सड़क भी अवरुद्ध हो रही है।
वहीं, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोहबगड़ में मार्ग की हालत बहुत खराब है। सिरोहबगड़ में मार्ग संकरा होने के साथ ही उबड़-खाबड़ है। यहां अलकनंदा नदी नीचे से कटाव कर रही है।
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पैदल मार्ग में भी बारिश में परेशानी
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को लोक निर्माण विभाग ने दुरुस्त कर दिया है। कुछ स्थानों पर खड़ी चढ़ाई और तीखा ढलान परेशानी का कारण बन सकता है। साथ ही यदि बारिश होती है, तो उन स्थानों पर भूस्खलन से खराब हो सकता है, जहां नई कटिंग की गई है।
लोनिवि के अधीक्षण अभियंता केके श्रीवास्तव ने बताया कि पैदल मार्ग पांच से सात फीट चौड़ा हो गया है। इस पर यात्री और घोडे़-खच्चर आराम से चल सकते हैं।