दो दर्जन से अधिक विभागों के करीब डेढ़ लाख फील्ड कर्मचारियों ने पूर्वघोषित कार्यक्रमानुसार तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के आश्वासन के बावजूद लंबित मांगों का निस्तारण न होने से खफा हैं।
उनकी नाराजगी का असर कार्य बहिष्कार के पहले ही दिन विभिन्न विभागों के कामकाज पर पड़ा है। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि मांगों के संबंध में शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अधिकारियों को बताया कर्मचारी विरोधी
बृहस्पतिवार को राजधानी में राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के बैनर तले परेड ग्राउंड में जुटे कर्मचारियों ने अधिकारियों को कर्मचारी विरोधी करार दिया।
प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह ने कहा कि मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने वार्ता में समस्याओं के निस्तारण के लिए तय समय में कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन अधिकारी इसकी भी अनदेखी कर रहे हैं।
प्रदर्शन में ग्राम्य विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष बीडी जोशी, सिंचाई संघ के अध्यक्ष शेषनाथ यादव, व्यापार संघ के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, डीआरडीए के अध्यक्ष आरएस बिष्ट, आईसीडीएस की महामंत्री अंजू बडोला, सहकारिता विभाग के अध्यक्ष पीएस पोखरियाल, उद्यान विभाग के महामंत्री दीपक पुरोहित आदि शामिल रहे।
यहां दिखा असर
कार्य बहिष्कार से उद्यान विभाग में कृषक महोत्सव की तैयारियों पर असर पड़ा है। महोत्सव में किसानों को वितरित किए जाने वाले बीज की व्यवस्था नहीं हो सकी। पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी और वेटरिनरी फार्मेसिस्टों ने काम नहीं किया। ग्राम्य विकास, सहकारिता विभाग में भी काम प्रभावित रहा।