केंद्र के रोड सेफ्टी बिल के विरोध में मंगलवार देर रात से वाहनों के पहिए थम गए। हड़ताल का व्यापक असर देखा जा रहा है। हड़ताल में सिटी बस, स्कूल बस, ऑटो-विक्रम, ट्रक यूनियनें भी हड़ताल में शामिल हैं। परिवहन एवं सुरक्षा बिल के विरोध में यूनियनों का यह चक्का जाम राष्ट्रव्यापी है।
हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आधी रात के बाद से ही उत्तराखंड रोडवेज के पहिए थम गए। बस स्टेशन से कोई बस नहीं निकलने से यात्री परेशान है। दून आईएसबीटी पर यात्रियों की भारी भीड़ है। वहीं दून में सिटी बस से लेकर ऑटो तक कुछ भी नहीं चल रहा है। जो जहां था वहीं फंसा हुआ है। कहीं भी आने-जाने के लिए केवल निजी वाहनों का सहारा है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क परिवहन एवं सुरक्षा बिल-2014 के विरोध में देशभर की ट्रेड यूनियनों ने दो सितंबर को संयुक्त रूप से हड़ताल की घोषणा की थी। हड़ताल टालने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम महाप्रबंधक प्रशासन उदय सिंह राणा ने परिवहन मुख्यालय में रोडवेज कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाई।
निगम के घाटे में होने की बात कहकर हड़ताल वापसी की अपील की, लेकिन बात नहीं बनी। यही नहीं देर शाम सरकार की तरफ से आवश्यक सेवा अधिनियम (एस्मा) लगाये जाने के बावजूद भी यूनियनें हड़ताल पर कायम हैं।
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने कहा कि हड़ताल राष्ट्रव्यापी और परिवहन मंत्रालय द्वारा पूंजीपतियों के हित में काम करने के विरोध में है। मंगलवार आधी रात से निगम, स्कूल, सिटी बसों, विक्रम, ऑटो, टैक्सी और ट्रकों की रफ्तार थम गई।
चालकों पर 302 के मुकदमे से नाराजगी
परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क सुरक्षा बिल में वाहन चालकों पर सड़क दुर्घटना में किसी की मौत होने पर 302 के मुकदमे की बात कही गई है। ट्रेड यूनियनें इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि यह कानून चालक विरोधी है।
सिटी बसें भी नहीं चलेंगी
सिटी बस एसोसिएशन ने समन्वय समिति द्वारा कोई संपर्क नहीं किए जाने पर हड़ताल से दूर रहने की घोषणा की थी। लेकिन जब उनसे इस बारे में बात की गई तो वह भी हड़ताल में शामिल हो गए। सिटी बस एसोसिएशन के प्रधान विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि समिति पदाधिकारी मंगलवार को उनसे मिले। इसके बाद हड़ताल को समर्थन दिया। शहर में चलने वाली सभी 270 बसों का चक्का जाम रहेगा।
ये संगठन होंगे शामिल
उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद्, राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन, रोडवेज इंप्लाइज यूनियन, उत्तराखंड एससीएसटी कर्मचारी यूनियन, उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ, जिला देहरादून ड्राइवर कंडक्टर यूनियन, महानगर दून ऑटो चालक यूनियन, सिटी बस एसोसिएशन, स्कूल बस एसोसिएशन, मैक्सी कैब टैक्सी ऑपरेटर वर्क्स, टिहरी मोटर गढ़वाल मोटर मजदूर, परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन, दून ऑटो रिक्शा यूनियन, दून टैक्सी चालक एसोसिएशन, विक्रम जनकल्याण सेवा समिति, देहरादून ट्रांसपोर्ट नगर समिति, ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, देहरादून ट्रक यूनियन एसोसिएशन आदि।
ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन संगठन भी हड़ताल पर
शहर के ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन संगठन हड़ताल और चक्का जाम को लेकर मंगलवार शाम तक संशय में रहे। ट्रक एसोसिएशन का एक अक्तूबर को देशव्यापी चक्काजाम है। इसलिए संशय बढ़ा। बाद में उन्होंने हड़ताल और चक्का जाम में शामिल होने का निर्णय लिया। देहरादून ट्रांसपोर्ट नगर समिति प्रधान जसविंदर सिंह, सचिव अनिल शर्मा, ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान उमेश अहलूवालिया, सचिव प्रवीण गुप्ता, ट्रक यूनियन एसोसिएशन प्रधान हरभजन सिंह ने हड़ताल और चक्काजाम की घोषणा की।
कर्मचारी यूनियन फूंकेंगी मंत्री का पुतला
देर शाम उत्तराखंड कर्मचारी यूनियन पदाधिकारियों की एक बैठक आईएसबीटी कार्यालय पर हुई। प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि परिवहन मंत्रालय पूंजीपतियों के हित में इस बिल को ला रही है, जिसका प्रस्ताव कतई पास नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में बुधवार 12 बजे आईएसबीटी पर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का पुतला दहन करने का निर्णय लिया गया। हरेंद्र, केपी सिंह, दीपक, टालेवर सिंह, कलम सिंह, केपी सिंह, कृष्णपाल आदि मौजूद रहे।
6400 रोडवेज कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर
उत्तराखंड परिवहन निगम में प्रदेशभर में 6400 के लगभग कर्मचारी हैं। चालक, परिचालक, कार्यशाला और ऑफिसों में तैनात सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
निगम को लगेगा एक करोड़ का फटका
उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संगठनों की हड़ताल से पूरे प्रदेश का संचालन ठप रहेगा। संचालन बंद होने से उत्तराखंड परिवहन निगम को लगभग 1 करोड़ का नुकसान उठाना पडे़गा।
ट्रेड यूनियनें भी होंगी हड़ताल में शामिल
सीआईटीयू जिला कमेटी दून महामंत्री लेखराज, सुंदर सिंह थापा ने बताया कि आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल में इंटक, सीटू, एटक, भारतीय मजदूर संघ, एचएमएस, रक्षा, केंद्रीय कर्मचारी, राज्य निगम, बैंक, बीमा, सार्वजनिक उद्यमों, कामगारों के राष्ट्रीय संघ भी शामिल रहेंगे।
खाद्य निगम कर्मचारी भी हड़ताल पर
भारतीय खाद्य निगम कर्मचारी संघ राज्य सचिव विरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि ट्रेड यूनियनों की मांगों का उनका संघ भी समर्थन करता है। संघ से जुड़े कर्मचारी भी बुधवार आज हड़ताल पर रहेंगे।
1250 रोडवेज बसें (प्रदेश में)
दून की स्थिति
2500 ट्रक और लोडर
2342 ऑटो रिक्शा
2000 टैक्सियां
787 विक्रम
इनका है कहना
यूनियनों से हड़ताल न करने की अपील की गई। हड़ताल राष्ट्रव्यापी होने के कारण वह नही माने। यूनियन पदाधिकारियों को शांतिपूर्वक हड़ताल करने और निगम की संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचाने की अपील की गई है।
-अनिल गुप्ता, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड परिवहन निगम
उत्तराखंड परिवहन निगम घाटे में है। इसीलिए यूनियन पदाधिकारियों को बुलाकर उनसे हड़ताल वापस लेने की अपील की गई। न मानने पर उनसे निगम की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं को सुचारु रखने की अपील की है।
-उदय सिंह राणा, महाप्रबंधक, प्रशासन उत्तराखंड परिवहन निगम