स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
ये भी सिफारिश थी कि पर्वतीय मार्गों पर टैक्सी, मैक्सी कैब की मॉडल सीमा 12 वर्ष पूरी होने के बाद छह-छह माह का स्वस्थता प्रमाणपत्र तीन साल तक दिया जा सकता है। इस पर परिवहन कारोबारियों ने सख्त आपत्ति जताई। परिवहन आयुक्त बृजेश कुमार संत ने समिति की रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। फिलहाल मॉडल सीमा का मामला लटक गया है।
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रैपिडो समेत चार को एग्रीगेटर लाइसेंस पर सहमति
हल्द्वानी के दीप चंद्र पांडे ने 200 एंबुलेंस, 500 तिपहिया वाहनों के एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इसी प्रकार दोपहिया सेवा देने वाली रैपिडो, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति, ऋषिकेश के वेदांश पांडे ने भी लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। परिवहन कारोबारियों ने इसका विरोध किया। मसूरी की यूनियन के सुंदर सिंह पंवार ने इसे टैक्सी चालकों के हितों पर हमला करार दिया। देहरादून महानगर सिटी बस सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने भी विरोध जताया। एसटीए का तर्क था कि बाजार में होने वाली प्रतिस्पर्धा उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है। लिहाजा, इनके लाइसेंस को हरी झंडी दी गई।