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पुलिस की चुनौतियों और पीड़ा से रूबरू हुए छात्र

Thu, 29 Jan 2015 07:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं को कानून का पाठ पढ़ाया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस की चुनौतियों और पीड़ा को साझा किया है। उन्होंने कहा कि समाज में पुलिस की उपयोगिता तो बढ़ी है, लेकिन सम्मान नहीं मिल पाया। खासतौर से युवा पीढ़ी की खतरनाक ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से होने वाले हादसों गहरी चिंता जताई गई।
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अमर उजाला फाउंडेशन ने छात्र-छात्राओं को लॉ और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस की पाठशाला के नाम से नई पहल शुरू की हैं। इसी कड़ी में बसंत विहार के गौतम इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित पहली पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

एसएसपी ने कहा कि पुलिस का काम बड़ा टफ हो गया है। सुरक्षा की ड्यूटी के अलावा हर समस्या और हर विवाद का हल केवल पुलिस ही रह गई हैं। दूसरे विभागों से ज्यादा काम करने के बावजूद समाज में पुलिस को उतना सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वह हकदार है। हालांकि उसके कई अन्य कारण हैं।
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छात्र-छात्राओं को सबक लेने को कहा

उन्होंने युवाओं में नशे और अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। मौसी के कान काटने की कहानी सुनाते हुए छात्र-छात्राओं से उससे सबक लेने के लिए कहा। एसएसपी ज्योति ने कहा कि बिगडती यातायात को लेकर भी गंभीर प्रयास की जरूरत है। पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक प्रदीप कुमार राय ने सीट बेल्ट, हेलमेट, रोड सिंग्नल और रोड साइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दुर्भाग्य की बात यह है कि हादसों को लेकर विश्व में भारत पहले नंबर पर है।

हर साल डेढ़ लाख हादसों में जान गंवा देते है, जबकि अपंग होने का आंकड़ा चार लाख तक पहुंच जाता है। अमर उजाला के जनरल मैनेजर मनीष कुमार सिंह ने पुलिस की पाठशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

शिक्षा निदेशक टीडी रैना, गौतम इंटर नेशनल  स्कूल के प्रधानाचार्य जेपी शर्मा, शिक्षा निदेशक टीडी रैना, अमर उजाला के चीफ मैनेजर (सेल्स) दीपक बंसल,  सुधांशु जी, सिटी इंचार्ज ओपी तिवारी, नीता गुप्ता, अमृत मिश्रा, हिमानी बिंजोला आदि उपस्थित रहे। पाठशाला का संचालन शिक्षिका श्रीमती आर रावत ने किया।
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पुलिस की बुराइयों से हुए रुबरु

पुलिस की पाठशाला के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बेबाकी से छात्र-छात्राओं से पुलिस की छवि को लेकर सवाल किए। पूछा कि वो पुलिस के बारे में क्या सोचते है। छात्र-छात्राओं ने पुलिस के प्रति अपनी नजरिया बताया। छात्र उज्जवल ने पुलिस की दोहरी नीति को लेकर सवाल उठाए। कई छात्रों ने पुलिस की कामकाज की तारीफ करते हुए भ्रष्टाचार पर चिंता जताई।

पुलिस सेवा में रुझान नहीं
पुलिस सेवा में जाने का छात्र-छात्राओं में कम रुझान नजर आया। एसएसपी ने यह जानने का प्रयास किया कि कितने छात्र-छात्राएं पुलिस में आने की इच्छा रखते है। हाथ उठाने वालों की संख्या छात्र-छात्राओं के गिनने लायक भी नहीं थी।

स्वयं की सुरक्षा के लिए नियम जरूरी
पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक प्रदीप कुमार राय ने कहा कि कानून के डर से ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के पक्षधर नहीं है। वो चाहते है कि स्वयं की सुरक्षा के लिए लोग नियमों का पालन करें, क्योंकि हादसों में होने वाली मौत से पूरे परिवार के सपने टूटते हैं।
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