चारधाम यात्रा में पर्यटन पुलिस ने अब तक परिवार से बिछड़े 40 लोगों को परिवार से मिलाया है। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दौरान 40 लोग परिवार से बिछड़ गए थे। इन्हें पर्यटन पुलिस की मदद से परिजनों से मिलाया गया।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हैं। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, होमगार्ड, पीआरडी व पीएससी तैनात की गई है। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चारधाम मार्गों पर एसडीआरएफ के जवान तैनात हैं।
पर्यटन विभाग की ओर से चारों धामों की वहन क्षमता के अनुरूप ही ऑनलाइन पंजीकरण किए जा रहे हैं। जिन यात्रियों ने यात्रा की टिकट बुक करा ली है और वे बिना पंजीकरण के ही दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आ चुके हैं। उनके लिए पर्यटन विभाग व एसडीआरएफ के माध्यम से तत्काल ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आईएसबीटी ऋषिकेश में पर्यटन विभाग व एसडीआरएफ ने 26 मई को शाम पांच बजे तक कुल लगभग 846 ऑनलाइन पंजीकरण किए गए।
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अब तक हेली सेवा से केदारनाथ पहुंचे 33432 यात्री
छह मई से केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेली सेवा का संचालन शुरू हुआ था। अब तक हेली सेवा के माध्यम से 33432 तीर्थयात्री केदारनाथ पहुंचे। जबकि 32754 तीर्थयात्री हेली सेवा से केदारनाथ से वापस लौटे। गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा हेलीपैड से नौ एविएशन कंपनियों के हेलिकाप्टरों ने 6043 उड़ानें भरी हैं।