यह पहली बार है कि 15 अगस्त की बजाय प्रदेश सरकार ने इस समारोह को तीलू रौतेली के जन्मदिन आठ अगस्त को आयोजित किया गया। इस मौके पर तीलू रौतेली सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। पिछले साल यह पुरस्कार 13 वीरांगनाओं को दिया गया था।
2018 में महिला सशक्तिकरण मंत्रालय ने तीन तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने वाली काशीपुर की शायरा बानो, गढ़वाली कविताओं को पहचान दे रही रुद्रप्रयाग की उपासना, पिथौरागढ़ की हेमा थलाल, हल्द्वानी की त्रितिक्षा, अल्मोड़ा की हेमलता भट्ट, उत्तरकाशी की सविता सहित 13 वीरांगनाओं को दिया गया था।
इस बार यह पुरस्कार देहरादून की नीरजा गोयल, मीताली शाह और आशा कोठारी, अल्मोड़ा की गीता देवी और गंगा बिष्ट, बागेश्वर की कुमारी विशाखा, चंपावत की सीमा देवी, पिथौरागढ़ की लक्ष्मी बिष्ट और खीमा जेठी, हरिद्वार की बेबी नाज, नैनीताल की कनक, समृद्धि और मुन्नी देवी, उत्तरकाशी की शांति ठाकुर, ऊधमसिंह नगर की ज्योति गांधी और पूजा को दिया गया।