फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंडः गढ़वाल की लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर कामकाजी महिलाओं को मिली खास सौगात

Thu, 08 Aug 2019 03:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
तीलू रौतेली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गढ़वाल की लक्ष्मीबाई तीलू रौतेली के जन्म दिवस पर देहरादून की कामकाजी युवतियों और महिलाओं को खास सौगात मिली है। आज देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने वीरांगना तीलू रौतेली कामकाजी महिला छात्रावास का शिलान्यास किया।

विज्ञापन

 

सर्वे चौक के समीप बने इस हॉस्टल में 200 कमरे बनाए जाएंगे हैं। इस दौरान तीलू रौतेली की प्रतिमा का भी अनावरण किया गया। इस दौरान राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उक्त हॉस्टल में महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों के संबंध में जानकारी देने के लिए काउंसलर और उनकी मदद के लिए वकील भी तैनात रहेंगे। जो महिला अपराधों के संबंध में कानूनी मदद करेंगे। देहरादून में कोई भी कामकाजी महिला इस छात्रावास में रह सकती है।

कार्यक्रम में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने 16 युवतियों व महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि उन्हें लगता है, पूरे देश में सबसे ज्यादा मेहनती महिलाएं उत्तराखंड की ही हैं।

विज्ञापन


इनको मिला सम्मान
कार्यक्रम में अल्मोड़ा की गीता देवी व गंगा बिष्ट, बागेश्वर की विशाखा, चंपावत की सीमा देवी, देहरादून की नीरजा गोयल, मिताली शाह, आशा कोठारी, पिथौरागढ़ की लक्ष्मी भट्ट, खीमा जेठी, हरिद्वार की बेबी नाज, नैनीताल की कनक चंद, समृद्धि बहुगुणा, मुन्नी देवी, उत्तरकाशी की शांति ठाकुर, ऊधमसिंह नगर की डॉ. ज्योति गांधी, पूजा, रजनीश बत्रा और रुद्रप्रयाग की नूतन वशिष्ट को सम्मानित किया गया।

विज्ञापन

पहली बार हुआ ऐसा

यह पहली बार है कि 15 अगस्त की बजाय प्रदेश सरकार ने इस समारोह को तीलू रौतेली के जन्मदिन आठ अगस्त को आयोजित किया गया। इस मौके पर तीलू रौतेली सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। पिछले साल यह पुरस्कार 13 वीरांगनाओं को दिया गया था।

2018 में महिला सशक्तिकरण मंत्रालय ने तीन तलाक के मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने वाली काशीपुर की शायरा बानो, गढ़वाली कविताओं को पहचान दे रही रुद्रप्रयाग की उपासना, पिथौरागढ़ की हेमा थलाल, हल्द्वानी की त्रितिक्षा, अल्मोड़ा की हेमलता भट्ट, उत्तरकाशी की सविता सहित 13 वीरांगनाओं को दिया गया था।

इस बार यह पुरस्कार देहरादून की नीरजा गोयल, मीताली शाह और आशा कोठारी, अल्मोड़ा की गीता देवी और गंगा बिष्ट, बागेश्वर की कुमारी विशाखा, चंपावत की सीमा देवी, पिथौरागढ़ की लक्ष्मी बिष्ट और खीमा जेठी, हरिद्वार की बेबी नाज, नैनीताल की कनक, समृद्धि और मुन्नी देवी, उत्तरकाशी की शांति ठाकुर, ऊधमसिंह नगर की ज्योति गांधी और पूजा को दिया गया।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें