कार्बेट पार्क में बाघों की हत्या के खुलासे के बाद राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व क्षेत्र के नजदीक छिद्दरवाला में बाघ की खाल बरामद होने के बाद यह तय हो गया है कि वन विभाग वन्य जीव तस्करों के गिरोह पर अंकुश नहीं लगा पाया है। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
वन गूर्जरों के पकड़े जाने के बाद शक की सुई विभागीय कर्मचारियों की वन्य जीव तस्करों से साठगांठ की तरफ भी घूमने लगी है। अग्रवाल ने बताया कि बहुत जल्दी डीएफओ सर्विलांस पर संदिग्धों का फोन डाल सकेंगे।
कराई गई बाघों की गिनती
वन मंत्री दिनेश अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश के जंगलों में बाघों की गिनती कराई जा चुकी है। यह भी पता है कि किस वन रेंज में कितने बाघ हैं। रेंजों के हिसाब से बाघों की संख्या का सत्यापन कराया जाएगा, जिससे घटनाओं का सच पता लगेगा। बाघों की फोटो कैमरा ट्रेप में हैं। अगर कोई बाघ एक से दूसरी जगह गया होगा तो उसकी भी पीठ की धारियों से पहचान हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि वन गूर्जर वन्य जीवों और वन संपदा की रक्षा किया करते थे, लेकिन छिद्दरवाला के मामले के बाद उनकी संलिप्तता उजागर हो गई है। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव एस. रामास्वामी पुलिस महकमे और वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में लगीं एजेंसियों के जिम्मेदारों के साथ बैठक कर चुके हैं। रणनीति के तहत लोगों को वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। लोग लालच में आकर वन्य जीव तस्करों का साथ देने लगते हैं।
फ्री में दे रहे हैं पेरूल
देहरादून। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल का कहना है कि जंगलों की आग के बचाव में जुटे 10 हजार कर्मचारी जंगलों से पेरूल भी इकट्ठा कर रहे हैं। लोग वन विभाग के कलेक्शन सेंटर से पेरूल मुफ्त में ले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि टिहरी में कुछ लोग पेरूल का पाउडर बनाकर मेरठ में बेचते हैं। इसे ब्रीकेट बनता है जो ईंधन के काम आता है।
ट्रांसमिशन लाइन टूटने से लगी आग
वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बताया कि राजाजी पार्क में ट्रांसमिशन लाइन टूट कर गिरने से आग लगी थी। वहां कूड़े का ढेर था। विभाग ने इस मामले में चालान काट दिया है।