जब वह घर लौटी और भीतर देखा तो वहां खून से सनी लाश पड़ी थी। उन्होंने इसकी सूचना अपने पति और ग्रामीणों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। मकान के एक कमरे में ताला लगा था।
जब ताला खोलकर देखा तो भीतर खून से लथपथ दो और लाशें मिलीं। तीनों के गले और चेहरे पर धारदार हथियार के निशान थे। हरीश बोरा के गले को काटने के बाद साड़ी से घोंटने का प्रयास भी किया गया था। हत्यारों ने तीनों के प्राइवेट पार्ट भी काट कर अलग कर दिए थे।
मृतकों की पहचान के लिए सड़क निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार कवींद्र सिंह को बुलाया गया। शुरू में हरीश बोरा और काशी बोरा की ही पहचान हो सकी। बाद में मौके पर पहुंचे अन्य नेपालियों ने तीसरे मृतक की पहचान बीरा बोरा के रूप में की। मृतक हरीश बोरा और बीरा बोरा सगे भाई बताए जा रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने अल्मोड़ा से फॉरेंसिक टीम बुलाई। टीम ने मौके से फिंगर प्रिंट सहित अन्य सुबूत जुटाए हैं। पूछताछ में पता चला कि मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती उर्फ किर्रा देवी भी साथ ही रहती थी। घटना के एक दिन पूर्व से वह लापता थी। यह भी बताया जा रहा है कि कलावती किसी और की पत्नी थी और हरीश बोरा उसे भगाकर यहां लाया था।
पुलिस के अनुसार मृतक हरीश बोरा का भाई बीरा बोरा थल क्षेत्र में मजदूरी करता था। घटना के दो दिन पहले वह एक अज्ञात युवक के साथ यहां आया था। वारदात के बाद से युवक भी फरार है। जिस बर्बर तरीके से तीनों का कत्ल किया गया और प्राइवेट पार्ट काटे गए हैं, इसे देखते हुए घटना को अवैध संबंध से भी जोड़ा जा रहा है।
पुलिस मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती और अज्ञात युवक की तलाश में जुटी है। हत्यारों के वारदात को अंजाम देकर नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु के निर्देश पर पुलिस की अलग-अलग चार टीमें बनाई गई हैं। एक टीम को नेपाल भी भेजा गया है।
तीनों मृतक नेपाल के रहने वाले थे। इनमें दो सगे भाई थे। हत्या के कारणों का खुलासा करने के लिए चार टीमें गठित की हैं। शीघ्र ही इस घटना में लिप्त हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- रामचंद्र राजगुरु, एसपी पिथौरागढ़।