देहरादून। बंगले में नौकरी पाने के लालच में एक युवक ने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। वह मारने तो नौकर को आया था, लेकिन वहां महिला ने उसे देख लिया। लिहाजा, पकड़े जाने के डर से उसने नौकर के साथ महिला (मालकिन) की भी हत्या कर दी। इसके बाद वह बीमारी का बहाना बनाकर दून अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शुक्रवार देर रात उसे डिस्चार्ज होते ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
शनिवार को एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने वारदात के खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रेमनगर के धौलास निवासी सुभाष शर्मा ने 29 सितंबर को सूचना दी थी कि उनकी पत्नी व नौकर गायब हैं। तलाश की गई तो दोनों के शव पॉलिथीन से ढके हुए रसोई के पास परिसर के अंदर पड़े मिले। शुरूआत में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा था। न ही बाहर से किसी के आने की कोई कहानी समझ आ रही थी। इस बीच पता चला कि उनके घर पर पांच-छह दिन पहले आदित्य नाम का एक युवक नौकरी मांगने आया था, लेकिन उस वक्त उसे मना कर दिया गया था। इस पर पुलिस के शक की सुई इसी आदित्य नाम के युवक पर घूम गई। गांव में ही कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने खंगाली तो उसका हुलिया आदित्य से मिला। उसका घर वहीं पास में ही था। पुलिस ने पता किया तो देखा कि घर में उसकी मां रहती है, जिसने बताया कि आदित्य 30 सितंबर से अस्पताल में भर्ती है।
अगले दिन शुक्रवार शाम को जैसे ही वह दून अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत में उसने सहज ही कबूल कर लिया कि हत्याकांड को उसी ने अंजाम दिया है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके ऊपर काफी कर्ज है। वह परेशान था और कहीं नौकरी करना चाह रहा था। वह पहले पांच-छह दिन सुभाष शर्मा के बंगले में साफ सफाई का काम कर चुका है। 25 सितंबर को बंगले में नौकरी मांगने गया था, लेकिन उन्नति शर्मा ने मना कर दिया। अगले दिन फिर वह गेट पर गया और उन्नति शर्मा को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
कुछ देर बाद गेट पर घर का नौकर आया और कहा कि मालकिन घर पर नहीं हैं। इस पर उसने सोच लिया कि अगर नौकर राजकुमार थापा को मार दिया जाए तो बंगले के मालिक उसे नौकरी पर रख लेंगे। वह 29 सिंबर की सुबह चार बजे दीवार फांदकर बंगले में दाखिल हुआ। उसे पता था कि रसोई के रास्ते ही सब बाहर आते-जाते हैं। जैसे ही राजकुमार बाहर आया आदित्य ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। इसी बीच उन्नति शर्मा भी वहां आ गई। वह दीवार के पीछे छिपा हुआ था। जैसे ही उन्होंने शोर मचाया उसने उनके सिर पर भी पीछे से वार कर दिया। दोनों का गला दबाकर मुतमईन हुआ कि दोनों मर गए। इसके बाद दीवार फांदकर ही वहां से भाग निकला।
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यूट्यूब पर देखा कैसे होती है सिर पर चोट लगने से मौत
आदित्य को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल चेक किया। यूट्यूब की हिस्ट्री देखी तो पुलिस भी चौंक गई। एसएसपी ने बताया कि एक दिन पहले उसने यूट्यूब पर कई वीडियो देखी थीं। इन वीडियो में वह जानने की कोशिश कर रहा था कि सिर पर किस जगह चोट मारी जाए कि व्यक्ति की मौत हो जाए।
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मां को भी बता दिया था हत्या के बारे में
आरोपी आदित्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सीधे अपने घर गया। वहां उसने इस हत्याकांड की बात अपनी मां को भी बताई। उसकी मां ने भी आदित्य को खूब मारा पीटा। उसने अपने कपड़ों को घर के पीछे छुपा दिया था। उसके कपड़ों पर पेंट लगा था। यही पेंट मृतक राजकुमार थापा के कपड़ों पर भी लगा हुआ था। इससे पुलिस को एक और सुबूत मिल गया। पुलिस ने आरोपी के घर के पीछे से उसके कपड़े और बंगले के पीछे से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद कर ली है।