राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुख्यालय पर प्रदर्शन करते शीशमबाडा ग्राम के निवासी ।
सेलाकुई के पास शीशमबाड़ा में स्थित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय पर ढाई घंटे तक हंगामा किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकार व बोर्ड अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि गैरकानूनी तरीके से प्लांट का संचालन किया जा रहा है। इसे तत्काल बंद कराया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो वे खुद ही तालाबंदी कर देंगे। आखिरकार बोर्ड के मुख्य पर्यावरण अधिकारी की ओर से कंपनी को एक माह की मोहलत दिए जाने पर ग्रामीण शांत हुए।
शीशमबाड़ा प्लांट बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। वह प्लांट के गेट पर कई महीने से धरना दे रहे हैं। कहीं सुनवाई नहीं होने पर सोमवार सुबह दर्जनों ग्रामीण आईटी पार्क स्थित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय पहुंच गए। जहां ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन के साथ ही हंगामा कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि प्लांट से निकलने वाली बदबू से जीना दूभर हो गया है। स्थिति यह है कि प्लांट की गंदगी के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। प्लांट बंद कराने के लिए दर्जनों बार हंगामा चुके हैं लेकिन सरकार, शासन, प्रशासन व बोर्ड के अधिकारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट को निर्धारित मानकों के विपरीत बनाया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र की अवधि छह माह पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद प्लांट का संचालन किया जा रहा है। प्रावधानों के तहत प्लांट के 500 मीटर के दायरे में कोई आबादी नहीं होनी चाहिए, जबकि शीशमबाड़ा प्लांट से 50 मीटर की दूरी पर कॉलोनी बनी हुई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्लांट जल्द बंद नहीं किया गया तो वे खुद ही उसमें तालाबंदी कर देंगेे।
आखिरकार मुख्य पर्यावरण अधिकारी सीएस रावत ने आश्वासन दिया कि इस संबंध में जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए। धरना-प्रदर्शन में विनोद सिंह चौहान, उर्मिला थापा, चंपा मधवाल, रीता वर्मा, नीलम थापा, सपना, वीना बमराड़ा, प्रमोद शर्मा, ज्योति, मुकेश गुप्ता, नरेंद्र आदि शामिल थे।