नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में सफाई व्यवस्था में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। नगर निगम ने निगम क्षेत्र में एकत्रित कूड़े, मलबा आदि को उठाने के लिए 47 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किराये पर लगाया है।
नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग की ओर से सफाई व्यवस्था में लगे ट्रैक्टर-टॉलियों के भुगतान में गड़बड़ी का मामला बोर्ड बैठक में भी गूंजा। जिसके बाद बोर्ड ने मामले के जांच के आदेश निगम को दिए। पार्षद अजय सिंघल ने इस मामले को बैठक में उठाया। जिस पर, मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
हाल ही में नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग में सफाई व्यवस्था में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के भुगतान में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। नगर निगम ने निगम क्षेत्र में एकत्रित कूड़े, मलबा आदि को उठाने के लिए 47 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किराये पर लगाया है। निगम प्रतिदिन के हिसाब से 1777 रुपये प्रति ट्रैक्टर-ट्रॉली का भुगतान कर रहा है। अनुबंध में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को तीन चक्कर लगाने के निर्देश हैं जबकि वे दिन में केवल एक ही चक्कर लगा रहे हैं। इन्हें भुगतान तीन चक्करों का ही किया जा रहा है। मालूम हो कि मामले को अमर उजाला की ओर से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद तत्कालीन नगर आयुक्त ने भी जांच के आदेश दिए थे।
300 करोड़ के होर्डिंग घोटाले की भी होगी जांच
कांग्रेसी नेता अभिनव थापर ने निगम निगम में 300 करोड़ की होर्डिंग घोटाले करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि टेंडर की शर्तों में न सिर्फ पार्टी के चयन में खेल हुआ। बीते दिन उन्होंने जांच न होने पर हाईकोर्ट के साथ ही सीबीआई और ईडी का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी। बोर्ड बैठक में मेयर सुनील उनियाल गामा ने निगम को घोटाले की जांच के आदेश दिए।I