उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में मंगलवार को विभिन्न निजी विद्यालयों से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। इस दौरान आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने सुनवाई के दौरान बाल अधिकारों से जुड़े गंभीर विषयों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।
इस दौरान एक निजी विद्यालय के एक छात्र का शुल्क वापसी कराने के साथ विद्यालय प्रबंधन से लिखित में माफीनामा लिखाया गया। एक अन्य विद्यालय के जमीनी विवाद में शिक्षा विभाग से भूमि की वैधता व सोसायटी पंजीकरण के बिना और भूमि अभिलेखों की जांच किए बिना एनओसी जारी करने पर जवाब मांगा गया। वहीं, एक अन्य विद्यालय में छात्रा से जुड़े मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 17 जनवरी तक जवाब देने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक अन्य विद्यालय के बाहर पंजीकरण समेत अन्य जानकारी के संबंध में बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।