आपदा से संवेदनशील नौताड़ के रुईस-जखन्याली गदेरे में प्रशासन की चूक ने बड़े हादसे का रूप ले लिया। गदेरे में यदि सुरक्षा दीवार लगाई गई होती तो इतना बड़ा हादसा न होता।
गत वर्ष की आपदा में भी जखन्याली गदेरा उफान पर आने से आस-पास काफी भूस्खलन हुआ था।
ग्रामीणों ने भेजा प्रस्ताव
गत वर्ष की आपदा में रुईस और जखन्याली गदेरे में पानी उफान पर आ गया था लेकिन कुछ समय बाद पानी का प्रवाह शांत होने पर कोई घटना नहीं घटी।
उस समय ग्रामीणों ने गदेरे के उफान को देखते हुए किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन से सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की थी। इसके लिए ग्रामीणों ने लोनिवि को भी कई प्रस्ताव बनाकर भेजे थे।
पिछले साल भी आया था खतरा
बावजूद इसके प्रशासन ने मामले को हल्के में लेकर गदेरे में सुरक्षा दीवार का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया। स्थानीय ग्रामीण कन्हैयालाल नौटियाल, ममता नौटियाल ने कहा कि पिछले वर्ष भी गदेरे के उफान पर आने से कई घरों को खतरा पैदा हो गया था।
उस समय प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग पर सुरक्षा दीवार लगा दी होती तो आज शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।