हस्ताक्षर एवं प्रमाणपत्र में प्रयोग की गई मुहर फर्जी
जिला प्रशासन और विभाग को की गई शिकायत के बाद आठ अक्टूबर 2021 को मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार की ओर से तत्कालीन उप शिक्षा अधिकारी भगवानपुर कुंदन सिंह, जीआईसी सिकंदरपुर भैंसवाल भगवानपुर के प्रिंसिपल भीकम सिंह और उप शिक्षा अधिकारी नारसन बृजपाल सिंह राठौर की जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में पाया गया कि शिक्षिका के अनुभव प्रमाणपत्र पर जिला विद्यालय निरीक्षक सहारनपुर के हस्ताक्षर एवं प्रमाणपत्र में प्रयोग की गई उनकी मुहर फर्जी है। इसके अलावा प्राचार्य व्यापार मंडल कन्या डिग्री कॉलेज मंगलौर हरिद्वार के वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रमाणपत्र पर प्राचार्य के हस्ताक्षर और मुहर भी फर्जी है। जांच के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की जाती है। इसके अलावा नियुक्ति तिथि से वेतन की वसूली की भी सिफारिश की गई है।
ये भी पढ़ें...Chardham Yatra: यात्री क्षमता और वीआईपी दर्शन खत्म करने से असमंजस, सीएम के बयान के बाद जानिए डीएम ने क्या कहा?
दो से तीन शिक्षकों के नाम नहीं बता पाई शिक्षिका
शिक्षिका के अनुभव प्रमाणपत्र की जांच कर रही टीम ने शिक्षिका से यह जानना चाहा कि वह अपने अध्यापन कार्यकाल के दौरान के दो से तीन शिक्षकों के नाम बताए। इस पर शिक्षिका किसी शिक्षका का नाम नहीं बता पाई। इतना ही नहीं वह यह भी नहीं बता पाई कि वह किस-किस कक्षा की अध्यापक रही। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा नियुक्ति में फर्जीवाड़े के प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -