शिक्षा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर जिला संवर्ग वाले शिक्षकों के धड़ल्ले से अंतरजनपदीय तबादलों का खेल जारी है। देहरादून और हरिद्वार सहित कुछ जिलों में तबादलों से इन जिलों के शिक्षक नाराज हैं। इससे शिक्षकों के सुगम क्षेत्र के स्कूलों में तैनाती और पदोन्नति के अवसर समाप्त हो रहे हैं।
शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार सरकारी प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों का जिला संवर्ग है, जबकि सहायक अध्यापक एलटी का मंडल और लेक्चरर का राज्य संवर्ग है। नियमानुसार इन शिक्षकों के इससे बाहर तबादले नहीं किए जा सकते, लेकिन विभाग में पिछले कुछ समय से प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादलों का खेल जारी है।
पिछले कुछ समय में अलग-अलग आदेशों के माध्यम से पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि जिलों से 124 से अधिक शिक्षक देहरादून और हरिद्वार जिले में तबादला पा चुके हैं। इन जिलों के शिक्षकों के मुताबिक विभाग में प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक और जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापक का पद पदोन्नति का पद है। इन पदों पर शिक्षकों के दूसरे जिलों से आने से उनके पदोन्नति के अवसर समाप्त हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि कुछ शिक्षकों के तबादला आदेश में तो तबादले की वजह तक स्पष्ट नहीं है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के देहरादून के जिला अध्यक्ष उमेश चौहान के मुताबिक जिले में कई दुर्गम के स्कूल हैं। उन स्कूलों से शिक्षकों को सुगम में लाने के बजाए दूसरे जिलों से शिक्षकों की जिले में तैनाती हो रही है। इससे जिले में शिक्षकों की पदोन्नति भी प्रभावित हो रही है। इस तरह की स्थिति पर जल्द रोक न लगी तो शिक्षक इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे। जरूरत पड़ने पर स्कूलों में तालाबंदी की जाएगी।