दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : शिक्षा महानिदेशक
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि शिकायत के अन्य बिंदु निराधार हैं। तत्कालीन शिक्षा महानिदेशक आर मीनाक्षी सुंदरम ने शासन को लिखे पत्र में कहा कि जांच रिपोर्ट शासन को निर्णय के लिए भेजी जा रही है। लेकिन शासन को दो साल पहले भेजी गई नियुक्ति में गड़बड़ी की जांच रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट शासन में दबी रह गई। उधर इस संबंध में सचिव रविनाथ रमन से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं किया जा सका। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि शिक्षक भर्ती के इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह है नियम
अशासकीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए प्रथम सात उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार कर उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। नियम यह है कि साक्षात्कार के लिए कम से कम तीन उम्मीदवार उपस्थित होने चाहिए, लेकिन इस स्कूल में हुई शिक्षक भर्ती में मात्र दो उम्मीदवारों की उपस्थिति के बावजूद नियम विरुद्ध चयन के लिए अनुमोदन किया गया।
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चयन समिति और सीईओ को बचाने का आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र बालियान ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में शिक्षा विभाग के तत्कालीन मुख्य शिक्षा अधिकारी फंस रहे हैं। यही वजह है कि विभाग चयन समिति और सीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति को रद्द कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
एक और मामले में नहीं हुई कार्रवाई
बीडी इंटर कालेज हरिद्वार में शिक्षिका के अनुभव व वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रमाण पत्र फर्जी मिलने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह हाल तब है जबकि विभाग के साथ ही एसआईटी मामले की जांच कर चुकी है।