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चारा-पत्ती विवाद: घास की गठरी-दरांती संग महिला कांग्रेस का हल्ला बोल, महिला आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश

Thu, 21 Jul 2022 12:08 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चमोली जनपद के हेलंग में महिलाओं से चारा छीनने और चालान करने की घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
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महिला कांग्रेस ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चमोली के हेलंग में महिलाओं से चारा पत्ती छीनने और चालान करने की घटना को शर्मनाक बताते हुए महिला कांग्रेस ने घास की गठरी और दरांती लेकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की। साथ ही घटना के लिए मुख्यमंत्री से मातृ शक्ति से माफी मांगने की मांग भी उठाई। उधर, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने चमोली के डीएम को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बुधवार को कांग्रेस भवन में एकत्रित हुईं। वहां से सर पर घास की गठरी और हाथ में दरांती लेकर डीएम कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने चमोली जनपद के हेलंग में महिलाओं से चारा छीनने और चालान करने की घटना के विरोध में जमकर नारेबाजी की। काफी देर बाद भी जब जिलाधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचीं तो कार्यकर्ता आक्रोशित हो गईं। उन्होंने जबरदस्ती जिलाधिकारी कार्यालय में घुसने की कोशिश की, जिससे वहां काफी देर हंगामा हुआ। बाद में जिलाधिकारी ज्ञापन लेने बाहर आईं, तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। 

इस दौरान ज्योति रौतेला ने कहा कि हेलंग में महिलाओं के साथ हुई घटना शर्मनाक होने के साथ ही उत्तराखंड की अस्मिता व स्वाभिमान के ऊपर एक हमला है। उत्तराखंड की माताएं-बहनें पशुओं के लिए चारा, घास एकत्रित कर परिवार के जीवन-यापन में सहयोग करती हैं। कमरतोड़ महंगाई की मार से त्रस्त माता-बहनों के साथ यह दुर्व्यवहार मातृ शक्ति का अपमान है। उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजनाओं के नाम पर हजारों नाली भूमि, जंगल, चरागाह की भूमि, पनघट, पंचायत की भूमि पहले ही कंपनियों को दे दी गई है। इसके बाद भी कंपनियों की नीयत लोगों की सामूहिक हक-हकूक की भूमि को भी हड़प लेने की है। 
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इससे आम ग्रामीणों के लिए घास, चारा, लकड़ी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा डंपिंग जोन के नाम पर वहां हरे पेड़ काट दिए गए और चारागाह के इस अंतिम विकल्प को भी खत्म किया जा रहा है। कहा कि राज्य सरकार एक ओर घसियारी योजना की घोषणा कर रही है तो वहीं महिलाओं के हाथ से घास छीनकर उन्हें अपमानित भी कर रही है। इस घटना के लिए मुख्यमंत्री को मातृ शक्ति से क्षमा याचना भी करनी चाहिए। 

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राज्य महिला आयोग ने दिए कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने चमोली के हेलंग में महिलाओं से चारा पत्ती छीनने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए डीएम चमोली को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि डीएम इस मामले में पीड़ित महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि डीएम को यह भी कहा गया है कि किसी भी महिला या किशोरी को प्रताड़ित न किया जाए। आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि डीएम ने इस मामले में आयोग को जो रिपोर्ट दी है, उसमें बताया है कि पिछले महीने ग्राम प्रधान एवं वन सरपंच के माध्यम से टीएचडीसी को एक अनुरोध पत्र भेजा गया था, जिसमें गांव में कोई भी सार्वजनिक मैदान न होने के लिए टीएचडीसी से गांव में एक खेल का मैदान बनाने का अनुरोध किया गया था।

टीएचडीसी ने इस अनुरोध पत्र को स्वीकार करते हुए नियमानुसार उप जिलाधिकारी जोशीमठ एवं उप वन संरक्षक जोशीमठ से अनापत्ति ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस भूमि से लगे हुए दो परिवारों ने समय-समय पर खेल के मैदान को बनाने का कार्य रोका। अब पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा कार्य शुरू करवाया गया है। 

दुष्कर्म के मामले का भी लिया संज्ञान 
पौड़ी के धुमाकोट थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिक से दुष्कर्म के मामले का महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष  कुसुम कंडवाल ने एसएसपी पौड़ी को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने आयोग को बताया कि दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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