उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में प्राथमिक स्कूल के शिक्षक अपने छात्रों के लिए 'भगीरथ' बन गए।
पानी के लिए तरस रहे बच्चों की तकलीफ दूर करने के लिए शिक्षकों ने स्कूल तक पानी पहुंचाकर दम लिया। सरकारी उपेक्षा से निराश शिक्षकों ने इस कार्य में ग्रामीणों की मदद ली।
कोटद्वार के बौंसालधार वर्ष 2010 में प्राइमरी स्कूल की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल संस्थान से शिकायत की गई पर काम नहीं हुआ। 2011 में बौंसाल क्षेत्र में बची हुई पाइप लाइन भी मलबे में दब गई। हर ओर से मायूस होकर शिक्षकों ने खुद प्रयास शुरू किए।