नेहरू पर्वतरोहण संस्थान (एनआईएम) उत्तरकाशी और एसटीएफ की टीम ने बेस कैंप से केदारनाथ मंदिर तक बर्फ काटकर पैदल मार्ग बना दिया है।
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मार्ग बनने के बाद एनआईएम और एसटीएफ की टीम पैदल रास्ते से होकर केदारनाथ मंदिर तक पहुंची। वहीं बीकेटीसी की एडवांस टीम भी मंदिर प्रांगण से बर्फ हटाने और अन्य व्यवस्थाएं करने जुट गई है।
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पिछले वर्ष जून माह में केदारनाथ जल प्रलय के बाद गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए शासन ने लोनिवि के साथ-साथ एनआईएम उत्तरकाशी और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी जिम्मेदारी सौंपी थी।
23 मार्च से शुरू है काम
एनआईएम और एसटीएफ के पास रामबाड़ा से ऊपर केदारनाथ तक पैदल मार्ग निर्माण की जिम्मेदारी थी। एसटीएफ चीफ डीआईजी जीएस मर्तोलिया व एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में 23 मार्च से काम शुरू किया था। पैदल मार्ग पुनर्निर्माण कार्य को चार सेक्टर में बांटा गया था।
एनआईएम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) मनोज सेमवाल ने बताया कि एनआईएम की टीम ने केदारनाथ बेस कैंप से केदारनाथ मंदिर तक बर्फ काटकर रास्ता तैयार कर दिया है।
अभी भी बची है ढाई फीट बर्फ
टीम ने ढाई फीट बर्फ काटकर मार्ग बनाया है। अभी भी ढाई फीट बर्फ बची है। धाम में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही जरूरी वस्तुओं की सप्लाई के लिए इस बर्फ को भी जल्द ही हटाया जाएगा।
जिलाधिकारी राघव लंगर ने बताया कि तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था के लिए जीएमवीएन की तरफ से लिनचोली और केदारनाथ धाम में 25-25 हट्स बनाए जाने हैं। लिनचोली में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।