राज्यसभा सांसद तरुण विजय का कहना है कि उत्तराखंड को विश्व के नौलेज हब के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कुमाऊं विवि में नैनो साइंस एंड टेक्नोलाजी सेंटर की स्थापना के लिए सांसद निधि से 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
बोले, ‘मैंने सूबे के सीएम हरीश रावत को कई बार पत्र लिखकर गुजारिश की वह जब भी वह दिल्ली आएं, तब राज्य के सांसदों को साथ लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का कार्यक्रम तय करें, लेकिन सीएम ने आज तक मेरे पत्रों का उत्तर नहीं दिया’।
शिक्षा के स्तर पर जताई चिंता
यहां पत्रकारों से बातचीत में राज्यसभा सांसद ने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा का गिरता स्तर चिंतनीय है। सरकार ने शिक्षा का व्यवसायीकरण कर दिया है। रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार विशेष पहल नहीं कर रही है।
सरकार राजनीतिक कारणों से नंदा राजजात यात्रा को भी ठीक तरह से संचालित नहीं कर पाई। सरकार की गलत नीतियों के चलते कई अनुभवी अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में चले गए हैं। जिसकी वजह से विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
विवेकानंद की तपस्थली रही उत्तराखंड
उन्होंने कहा कि देवभूमि स्वामी विवेकानंद की तपोस्थली रही है। विवेकानंद ने काकड़ीघाट, अल्मोड़ा, मायावती आश्रम में साधना की।
इन स्थलों को विवेकानंद साधना पथ के रूप में पर्यटन मानचित्र में विकसित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जल्द वह देवभूमि के युवाओं को साथ लेकर खुद विवेकानंद संदेश यात्रा शुरू करेंगे।