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उत्तराखंडः 81 घंटे बाद खुली पहाड़ की लाइफ लाइन, प्रशासनिक अमले के छूटे पसीने

Fri, 09 Aug 2019 01:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
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टनकपुर-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग 81 घंटे बाद आज सुबह आवाजाही के लिए खोल दिया गया। यहां धौन में भारी मलबा आने से हाईवे पांच अगस्त की रात 10.28 बजे से बंद था।

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इस निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारु करने में पूरे प्रशासनिक अमले के पसीने छूट गए। धौन के पास दोनों तरफ से जेसीबी, पोकलैंड और लोडर होने के बावजूद पहाड़ी की तरफ से बोल्डर और मलबा गिरने से रोड का काम निरंतर नहीं चल पा रहा था। मैदानी क्षेत्र टनकपुर का चंपावत और पिथौरागढ़ से सीधा सड़क संपर्क नहीं हो पा रहा था।

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पांच अगस्त की रात 10.28 बजे से बंद था हाईवे

मैदानी क्षेत्र को जाने वाले लोग अब सूखीढांग-डांडा-मीडार या देवीधुरा होते हुए आगे बढ़ रहे थे। पांच अगस्त की रात 10.28 बजे से पहाड़ की इस लाइफ लाइन के बंद होने से मैदान से आने वाली सब्जी की कीमतों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई। एनएच पर वाहनों का संचालन बंद होने से पेट्रोल पंपों पर भी मार पड़ी।  देवीधुरा से रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति होने से गैस किल्लत नहीं हुई। 

गुरुवार को चंपावत के एसडीएम अनिल गर्ब्याल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला, सहायक अभियंता वीके सक्सेना, कनिष्ठ अभियंता बीसी जोशी, नीरज श्रीवास्तव, शिवालय कंपनी के निदेशक सुरेंद्र राणा के अलावा त्वरित कार्यवाही दल (क्यूआरटी) के शंकर वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक छत्तर सिंह आदि लगातार मौके पर डटे रहे। रोड खोलने के प्रयास लगातार जारी रहा। मलबा गिरने के बावजूद ऑपरेटर बहादुरी से रोड खोलने में जुटे रहे।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के 31 जुलाई से अब तक के हालात:

- 31 जुलाई से बंद सड़क एक अगस्त की शाम 6.30 बजे खुली। 
- पांच अगस्त से बंद सड़क शाम 6.30 बजे से रात 10.28 बजे तक खुली। 
- पांच अगस्त  रात 10:28 से नौ अगस्त की सुबह खुली।
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