15 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया
सचिव आपदा प्रबंधन सुमन ने संबंधित वैज्ञानिक संस्थानों से अपने-अपने विशेषज्ञता क्षेत्र के अनुसार अध्ययन व परीक्षण कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में प्राप्त वैज्ञानिक निष्कर्षों के आधार पर क्षेत्र में भविष्य के जोखिमों को कम करने एवं निगरानी तथा पूर्व चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदमों पर भी विशेषज्ञ सुझाव प्राप्त होंगे।
बारिश की तीव्रता और अवधि का होगा अध्ययन
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययन में घटना से पूर्व एवं घटना के बाद क्षेत्र की स्थिति के तुलनात्मक आकलन के लिए उपग्रह चित्रों, उच्च रिजॉल्यूशन रिमोट सेंसिंग, ड्रोन सर्वेक्षण एवं जीआईएस आधारित विश्लेषण सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। संबंधित संस्थानों से क्षेत्र में संभावित भूस्खलन, रॉकफॉल, मलबा प्रवाह, फ्लैश फ्लड अथवा अन्य तीव्र भू-जलवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के प्रमाणों का वैज्ञानिक परीक्षण करने को कहा गया है।
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अर्ली वार्निंग एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग पर भी विशेषज्ञ राय
पत्र में क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम, रियल टाइम मॉनिटरिंग, वर्षामापी एवं जलस्तर सेंसर, कैमरा आधारित निगरानी अथवा अन्य आधुनिक निगरानी तंत्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता के संबंध में भी विशेषज्ञ राय उपलब्ध कराने को कहा गया है।