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Chamoli: तमक नाले में लापता कर्मचारी की खोज जारी, ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार, आवाजाही सुचारू

Tue, 11 Aug 2026 08:10 AM IST
Alka Tyagi अमर उजाला नेटवर्क, चमोली

सार

नाले में पानी सामान्य होने के बाद आपदा के मंजर नजर आए। मलबे में ग्रिफ के वाहन दबे हुए हैं।
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तमक नाले में आवाजाही सुचारू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चीन सीमा को जोड़ने वाले हाईवे पर नीती घाटी में भारी बारिश के कारण तमक नाला उफान पर आने से वैली ब्रिज बहने के बाद बाधित हुई वाहनों की आवाजाही को जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के त्वरित प्रयासों से सुचारू कर दिया गया है।

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तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार किया गया, जिसके बाद इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। मार्ग बहाली के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें मौके पर लगातार जुटी रहीं और युद्धस्तर पर कार्य करते हुए यातायात व्यवस्था को बहाल किया गया। उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि अस्थाई मोटर मार्ग तैयार कर वाहनों की आवाजाही  सुचारू कर दी गई है। वहीं आपदा में लापता ग्रेफ कर्मी का मंगलवार को भी पता नहीं चल पाया है।

सोमवार अपराह्न हुई घटना के बाद मंगलवार को सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस व प्रशासन की टीम दिनभर मौके पर डटी रही। बीआरओ नाले में ह्यूम पाइप डालकर आवाजाही सुचारू करवाने का प्रयास किया गया।
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तमक गांव के बलवंत सिंह पंवार का कहना है कि यह नाला पहले भी उफान पर आता रहा है लेकिन सोमवार को जैसा रौद्र रूप दिखा वैसा पहले कभी नहीं देखा। मलबे की चपेट में आने से सैकड़ों सेब के पेड़ों व खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं लक्ष्मण सिंह बुटोला का कहना है कि मार्ग बंद होने से सीमांत क्षेत्र के लोगों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। सीमा से भेड़-बकरियों को लेकर लौट रहे पशुपालकों को मार्ग बंद होने से असुविधा हो रही है।

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एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि रात को नाला एक बार फिर बढ़ गया था। मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू बनाने के लिए दोनों तरफ से मशीनें लगी हैं। आईटीबीपी के जवान रस्सी डालकर लोगों की आवाजाही करवा रहे हैं। यदि मौसम साफ रहा तो बुधवार तक मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी जाएगी। लापता कर्मी की लगातार तलाश की जा रही है।

देव पूजन के कार्य में नहीं जा पा रहे ग्रामीण
मलारी गांव में बुधवार को देव पूजन कार्यक्रम होना है। इसमें शामिल होने के लिए गांव के करीब 30 लोग ज्योतिर्मठ और सुराईथोटा में रुके हुए हैं। उन्हें मार्ग खुलने का इंतजार है। ग्राम प्रधान देव सिंह राणा ने बताया कि ग्रामीणों को मंगलवार को ही गांव में पहुंचना था, लेकिन बैली ब्रिज बहने से मार्ग पर आवाजाही नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग बुधवार तक मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। यदि मौसम ने साथ दिया तो सुबह के समय तमक नाले में वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

पर्यटक करते रहे  मार्ग खुलने का इंतजार
नीती-मलारी की तरफ घूमने के लिए कुछ पर्यटक भी गए हुए हैं। उन्हें आज लौटना था लेकिन मार्ग बंद होने से वे वहीं होम स्टे में रुके हुए हैं। हालांकि प्रशासन के पास अभी वहां रुके पर्यटकों की स्पष्ट संख्या नहीं है लेकिन 15 से 20 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। सोमवार को ज्योतिर्मठ की तरफ से कई लोग टिम्मरसैंण महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए गए थे। उन्हें भी सुबह आईटीबीपी के जवानों ने रस्सी के सहारे दूसरी तरफ पहुंचाया।

तमक नाले में बीआरओ ने ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बनाया है। मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया गया है। लापता कर्मी अभी तक नहीं मिला है, उसकी तलाश लगातार जारी है।
-विवेक प्रकाश, एडीएम चमोली
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