राजधानी देहरादून में बारिश के साथ जाड़े की आहट ने सर्दी की बीमारियों को न्यौता दे दिया है।
फ्लू के हमले का खतरा
पारा नीचे आने के बाद स्वाइन फ्लू के हमले का खतरा रहता है। साथ ही जाड़े की वजह से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और अस्थमा के रोगियों की तबीयत खराब होने का डर रहता है।
जाड़े के मौसम में खासतौर पर बच्चों, बूढ़ों और क्रोनिक मरीजों की हालत बिगड़ सकती है। जिन लोगों के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें शुरुआती जाड़े में ही एक्सपोजर हो जाता है। फिर ठंडक बढ़ने पर दूसरी बीमारियां उन्हें घेरे रहती हैं।
जाड़े की मुख्य बीमारियां
जुकाम, बुखार, फ्लू, विंटर डायरिया, कंजेक्टीवाइटिस, फंगल इंफेक्शन, इंसेफलाइटिस, वायरल इंफेक्शन, स्वाइन फ्लू, शरीर दर्द, पैर की नसों की सिकुड़न, उल्टी-दस्त, अस्थमा अटैक, सीओपीडी, सांस तंत्र की एलर्जी, निमोनिया, इम्पाइमा, ज्वाइंट पेन, हाई ब्लड प्रेशर, एंजाइना, हाइपोथर्मिया
सामान्य व्यक्ति के लिए एहतियात
सर्दी और गर्मी से बचें, गरिष्ठ भोजन न करें
रात को सोने के डेढ़ घंटा पहले भोजन कर लें
गर्मी लगने पर फौरन स्वेटर उतार कर न फेकें
देर रात की पार्टी में ड्रिंक न करें
बुजुर्ग और क्रोनिक मरीज के लिए एहतियात
रात में अचानक गर्मी लगे तो पंखा न चलाएं, रात में पंखा चलाकर न सोएं
हाई ब्लडप्रेशर, हृदय रोगी के रोगी दवा की खुराक डॉक्टर से दुरुस्त कराए
गुर्दा रोगी पीने के पानी की मात्रा दुरुस्त कर लें, रात व तड़के जॉगिंग न करें
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