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'गंगा ने मोदी को व्यापार करने के लिए नहीं बुलाया'

Tue, 10 Jun 2014 12:28 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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अमर उजाला, हरिद्वार
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लंबे समय से गंगा के संघर्षरत और मातृसदन परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा अभियान मंत्री उमा भारती पर निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि दोहरे चरित्र वाले लोग गंगा की रक्षा नहीं कर सकते। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कहा कि बनारस से हुगली तक नेवीगेशन के रुप में व्यापार शुरू करने के लिए गंगा ने उन्हें नहीं बुलाया था।
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परमाध्यक्ष ने कहा कि सरकार यदि शोध संस्थान बनाना चाहती है तो रुड़की के बजाए हरिद्वार या ऋषिकेश में बनाना चाहिए।

मंत्री बनने के बाद भूल गईं उमा भारती

आपको बता दें कि गंगा की स्वच्छता और रक्षा के लिए लंबे समय से मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज आंदोलन चला रहे हैं।

उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि जब स्वामी सानंद गंगा पर बनने वाले डैम्स के विरोध में उनके आश्रम में अनशन कर रहे थे तो उमा भारती तीन बार उनसे मिलने आई और अपना लिखित समर्थन दिया।

लेकिन अब मंत्री बनकर कहती है कि वह डैम विरोधी नहीं है। इसे यदि दोहरा चरित्र नहीं कहा जाए तो क्या कहें। ऐसे लोग गंगा का कतई भला नहीं कर सकते।

गंगा पुर्नरुद्धार के नाम पर बिजनेस नहीं

उन्होंने कहा कि 13 मई 2013 को धारीदेवी मंदिर को स्थानांतरित करने के वक्त भी उमा भारती ने विरोध में अनशन किया था। लेकिन आज वह उल्‍टी बयानबाजी कर रही है।

परमाध्यक्ष ने केंद्र सरकार की ओर से बनारस से हुगली तक नेवीगेशन शुरू कराने वाली बात पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या इसलिए कहा थी कि उन्हें मां गंगा ने बुलाया था कि वह गंगा में व्यापार कराए।

गंगा पुर्नरुद्धार के नाम पर बिजनेस नहीं होना चाहिए।
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गंगा के नाम पर देश के साथ धोखा

स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा को लेकर यदि कोई शोध संस्थान बनाना है तो वह रुड़की में नहीं बल्कि हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा के किनारे बने और वैज्ञानिक शोध कर सकें।

टैक्नोक्रेट्स (इंजीनियर्स) गंगा का भला नहीं कर सकते। वैज्ञानिक गंगा किनारे ही सालों तक रहकर लाभ हानि का सर्वांगीण अध्ययन करें।

उन्होंने कहा कि यदि ठीक तरह से काम नहीं किया गया तो यह गंगा के नाम पर देश के साथ धोखा होगा।
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