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सुप्रीम कोर्ट वसूलेगा SSP आवास का किराया

Tue, 15 Jul 2014 11:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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एसएसपी आवास का बकाया किराया अब सुप्रीम कोर्ट में जमा कराया जाएगा।
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दिसंबर 2012 से बकाया है आवास का किराया
सोमवार को आईजी अमित सिन्हा और एसएसपी अजय रौतेला सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। दोनों ने अदालत में शपथपत्र प्रस्तुत किया। याचिकाकर्ता रंजीत का आरोप है कि पुलिस ने दिसंबर 2012 से आवास का किराया नहीं दिया है।

इस पर कोर्ट ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने इस आवास से जुड़े अलग-अलग अदालतों में चल रहे सभी मुकदमों को विशेष अनुमति याचिका में एक साथ शामिल करने के लिए भी कहा है।
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कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले आदेश तक आवास पर यथास्थिति बनी रहेगी। डीजीपी बीएस सिद्घू ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए निर्धारित अवधि में ही बकाया किराया जमा करा दिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक किराया 82,277 रुपए मासिक है।

यह है विवाद
वर्ष 1950 में राजपुर रोड पर खेवट संख्या एक में शांति देवी के नाम 19 बीघा जमीन दर्ज थी। प्रशासन ने शांति देवी से जमीन किराये पर ले ली, लेकिन रेंट एग्रीमेंट 1954 में किया।

इस जमीन के 10500 वर्ग मीटर पर एसएसपी आवास बना हुआ है। बाद में पता चला कि शांति देवी ने खेवट संख्या एक से पांच बीघा और दो से आठ बीघा जमीन पहले ही बेच दी थी।

ऐसे में एग्रीमेंट निरस्त होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मौजूदा राजस्व अभिलेखों के अनुसार शांति देवी ने वर्ष 1962, 1971, 1987 और 2004 में जमीन बेची। लेकिन खेवट के हिसाब से अब भी 26 हजार वर्ग मीटर जमीन का पता नहीं है।

जिन लोगों ने जमीन खरीदी, उनका भी पता नहीं चला। वर्ष 2012 में शांति देवी का भी निधन हो गया। ऐसे में प्रदेश सरकार ने गत वर्ष जांच के बाद एसएसपी आवास की जमीन को लावारिस मानकर सरकारी खाते में दर्ज कर लिया।
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नैनीताल हाईकोर्ट ने भी नवंबर 2013 में 14 दिन के भीतर जमीन अधिग्रहण का विकल्प दे दिया। इस बीच शांति देवी का बेटा रंजीत जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चला गया।

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-rakeshk@mrt.amarujala.com और इस नंबर-9675501486 पर संपर्क कर सकते हैं।)
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