सुप्रीम कोर्ट के तैनाती स्थल (पीस एरिया) वाले लोकसभा क्षेत्रों में सैनिकों को मत देने की सुविधा से उत्तराखंड में लगभग 30 हजार सैनिक लाभांवित होंगे।
वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे एक लाख मतदाता
इन सैनिकों के परिवारों को भी मत का अधिकार मिलने से लगभग एक लाख मतदाता पांच विधानसभाओं की वोटर लिस्ट में जुड़ सकते हैं। हालांकि यह तभी संभव है अगर सैनिकों ने अपने पोस्टल बैलेट के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है।
उत्तराखंड में एक सैन्य डिविजन, भारतीय सैन्य अकादमी, दो ब्रिगेड सहित तीन ट्रेनिंग सेंटर पीस एरिया में आते हैं। इसके अलावा सेना फील्ड एरिया में तैनात है।
पीस एरिया में तैनात सैनिकों के लिए आवासीय सुविधा होने से उनके परिवारों को भी मताधिकार का लाभ दिया जाएगा।
उत्तराखंड में निर्वाचन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से अब सैनिकों के पास यह विकल्प रहेगा कि वह पोस्टल बैलेट का प्रयोग करें या फिर सीधे अपना पोलिंग स्टेशन पर मत डाले।
हरिद्वार में सर्वाधिक सैनिक मत
उत्तराखंड में सर्वाधिक सैनिक मतदाता वाली लोकसभा हरिद्वार है। रुड़की में बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप का ट्रेनिंग सेंटर है के अलावा छावनी है।
14 डिवीजन का मुख्यालय धर्मपुर विधानसभा में आता है जो हरिद्वार लोकसभा सीट का हिस्सा है। इसके अलावा रायवाला भी हरिद्वार लोकसभा सीट में आता है।
पौड़ी और अल्मोड़ा में भी है तादात
पौड़ी लोकसभा सीट के अधीन लैंसडौन का गढ़वाल रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर और अल्मोड़ा लोकसभा सीट में रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंटल सेंटर है।
पौड़ी लोकसभा सीट में जोशीमठ स्थित एक ब्रिगेड भी आएगी। टिहरी लोकसभा सीट में आईएमए सहित सब एरिया और गढ़ी कैंट स्थित सैन्य रेजिमेंट्स आती हैं।