यूपी में सपा के नेता मुखिया मुलायम सिंह के रेप और फांसी संबंधी बयान से एकमत होने में कतरा रहे हैं। लेकिन उत्तराखंड के सपा के कमांडर खुल कर अपने नेता के साथ खड़े हैं।
यही नहीं कई वीभत्स कांड की वह उलटी विवेचना कर रहे हैं। लेकिन इस बतकही के पहले वह यह जान लेते हैं कि कोई अखबारवाला तो नहीं है।
अगर है तो फिर पूछते हैं कि आप टेप तो नहीं कर रहे हैं। आश्वस्त होने के बाद फिर खुलकर बौद्धिक देने लगते हैं।
बलात्कार की घटनाएं बढ़ने के लिए वह फैशन को जिम्मेदार मानते हैं। फिर फांसी का विरोध करते हैं और फिर ‘अपराधियों’ के पक्ष में उतर आते हैं।